Maharashtra Politics: सियासी गलियारे में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। उद्धव ठाकरे की अगुआई वाले शिवसेना (UBT) गुट पर एक के बाद एक राजनीतिक संकट गहराते नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट में पार्टी के नाम और उसके आधिकारिक चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' को लेकर कानूनी जंग जारी है, वहीं दूसरी तरफ मुंबई की जमीन पर पार्टी विधायकों के पाला बदलने की चर्चाओं ने सियासी पारे को चढ़ा दिया है। हाल ही में जब छह लोकसभा सांसदों ने शिंदे गुट का दामन थामा, तो उद्धव खेमे को बड़ा झटका लगा था। तब इसे 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया गया था।
साबित हो सकता है संगठन का सबसे बड़ा झटका
सांसदों की बगावत के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या वही रणनीति अब विधानसभा स्तर पर भी दोहराई जा रही है? शिंदे गुट से जुड़े नेताओं का दावा है कि उद्धव ठाकरे के साथ बचे करीब 20 विधायकों में से 14 उनके लगातार संपर्क में हैं। अगर यह दावा जमीनी हकीकत में बदलता है, तो यह शिवसेना (UBT) के लिए अब तक का सबसे बड़ा सांगठनिक झटका साबित हो सकता है।
2022 में गिर थी अघाड़ी सरकार
हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और उद्धव गुट इसे विरोधी खेमे की रणनीतिक बयानबाजी बता रहा है। पिछले चार वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो ठाकरे परिवार लगातार राजनीतिक चुनौतियों से जूझता आया है। साल 2022 में जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना का बड़ा धड़ा अलग हुआ था, तब राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी।सर्वोच्च अदालत में मामले पर चल रही सुनवाई
अब एक बार फिर विधायकों के संभावित पाला बदलने की उड़ती खबरों ने 2022 के उसी सियासी संकट की यादें ताजा कर दी हैं। इधर जमीनी राजनीति गरमाई हुई है, तो उधर देश की सर्वोच्च अदालत में पार्टी के अस्तित्व से जुड़े मामले पर सुनवाई चल रही है। उद्धव गुट की कोशिश चुनाव आयोग के उस फैसले को पलटने की है जिसके तहत नाम और निशान शिंदे गुट को दे दिया गया था, जबकि शिंदे खेमा अपने रुख पर अडिग है।
सियासी समीकरण में अब क्या?
अदालत का आने वाला फैसला और राज्य में बन रहे ये नए सियासी समीकरण, दोनों ही तय करेंगे कि महाराष्ट्र की भावी राजनीति किस करवट बैठेगी। फिलहाल, सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ठाकरे खेमा अपने बाकी बचे कुनबे को एकजुट रख पाएगा या फिर 'ऑपरेशन टाइगर' का नया अध्याय लिखा जाएगा।

