शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित चिंगराजपारा दारूभट्ठी के समीप हुई मारपीट की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति प्रशासन की सख्ती साफ नजर आई है। जानकारी के अनुसार, चिंगराजपारा दारूभट्ठी के पास कुछ युवकों ने एकराय होकर प्रार्थी के साथ मारपीट की। घटना सार्वजनिक स्थान पर होने के कारण आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तत्काल सरकंडा पुलिस को दी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
एसएसपी के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह तथा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और तकनीकी व मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
पुलिस ने इस मामले में विकास यादव (21) निवासी नूतन चौक अटल आवास ओ-ब्लॉक, मानव ध्रुव (19) निवासी बहतराई अटल आवास ओ-ब्लॉक, राहुल गोंड़ (23) तथा ज्ञान सिंह गोंड़ (30) निवासी रिकांडो अटल आवास डी-09, थाना सरकंडा, बिलासपुर को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
असामाजिक तत्वों पर आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
सरकंडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट, गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।