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आधुनिक कृषि किसान धनेश्वर साव को मिले बेहतर परिणाम
आधुनिक कृषि किसान धनेश्वर साव को मिले बेहतर परिणाम
राज्य सरकार

आधुनिक कृषि : कम खर्च में बेहतर पैदावार की ओर किसान, नैनो डीएपी से मिला लाभ

पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह के प्रगतिशील किसान धनेश्वर साव ने धान की फसल में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का वैज्ञानिक उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। बीज उपचार, पौधों की जड़ों के उपचार और अलग-अलग अवस्थाओं में छिड़काव से फसल अधिक हरी-भरी, स्वस्थ और मजबूत हुई। रोग-कीट का प्रकोप कम होने से कीटनाशकों, मजदूरी और खेती की लागत में भी बचत हुई।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 25 Jun 2026, 12:37 PM · अपडेट: 11 Sep 2026, 06:26 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड पिथौरा के ग्राम सलडीह के प्रगतिशील किसान धनेश्वर साव ने धान की फसल में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। साव ने बताया कि उन्होंने बीज उपचार से लेकर पौध उपचार और फसल की वृद्धि अवस्था तक नैनो उर्वरकों का नियमानुसार प्रयोग किया। इसके परिणामस्वरूप धान की फसल अधिक हरी-भरी, स्वस्थ और मजबूत विकसित हुई।

नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल में रोग एवं कीटों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम देखने को मिला। इससे अतिरिक्त कीटनाशकों की जरूरत कम हुई और खेती की लागत में भी कमी आई। साव ने बताया कि नैनो उर्वरकों को अन्य उपयुक्त कीटनाशकों के साथ मिलाकर छिड़काव करने से समय और मजदूरी दोनों की बचत हुई। इससे कृषि कार्य अधिक सुविधाजनक और किफायती बन गया।

फसल की गुणवत्ता में भी हुआ सुधार

नैनो उर्वरकों के प्रयोग से धान की फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। पौधों को समय पर आवश्यक पोषक तत्व मिलने से बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है। साव ने धान की बुवाई से पूर्व बीजों का नैनो डीएपी से उपचार किया। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज में 5 एमएल नैनो डीएपी का उपयोग किया गया। रोपाई से पहले पौधों की जड़ों को नैनो डीएपी घोल में उपचारित किया गया। इससे पौधों की शुरुआती वृद्धि मजबूत हुई और जड़ों का विकास बेहतर हुआ। फसल की 30 से 35 दिन की अवस्था में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का संयुक्त छिड़काव किया गया। इससे फसल को आवश्यक पोषक तत्व समय पर मिले और पौधों की वृद्धि बेहतर हुई। धान की फसल में फूल आने से पहले पोटरी पानी अवस्था में नैनो यूरिया प्लस का दूसरा छिड़काव किया गया। इस चरण में पोषण मिलने से फसल की मजबूती और गुणवत्ता में सुधार हुआ।

क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण

प्रगतिशील किसान धनेश्वर साव का अनुभव क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक है। वैज्ञानिक तरीके से नैनो उर्वरकों का उपयोग कर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों का संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग उत्पादन बढ़ाने में सहायक है। इससे उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ती है और खेती की लागत भी कम होती है। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश कीटनाशकों के साथ नैनो उर्वरकों का मिश्रण संभव है, जिससे श्रम और समय की बचत होती है। हालांकि कॉपर युक्त कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों के साथ इनका उपयोग नहीं करना चाहिए।

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