Narayanpur News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल नारायणपुर जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर एक नई पहल शुरू की गई है। अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले इस जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना की शुरुआत की गई है।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए विशेष पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इस अभियान का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। कार्यक्रम के दौरान दोनों मंत्रियों ने बच्चों को अपने हाथों से पौष्टिक नाश्ता परोसा और उनका उत्साह बढ़ाया।
476 स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
नारायणपुर जिले के नारायणपुर और दुर्गम ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में यह योजना लागू की गई है। इसके तहत करीब 13 हजार 15 विद्यार्थियों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अनुसार प्रत्येक छात्र को रोजाना 150 ग्राम ताजा और पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सप्ताह के अलग-अलग दिनों के लिए संतुलित मेन्यू तैयार किया गया है। नाश्ते में पोहा-फलीदाना, सूजी उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए गए हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व बच्चों की ऊर्जा बढ़ाने के साथ उनके विकास में भी मदद करेंगे।रसोइयों को अतिरिक्त मानदेय, बढ़ेगा काम का उत्साह
बच्चों तक बेहतर गुणवत्ता का भोजन पहुंचाने के लिए रसोइयों की भूमिका को भी महत्व दिया गया है। योजना को सफल बनाने के लिए जिले के 676 रसोइयों को हर महीने 800 रुपए अतिरिक्त मानदेय देने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से रसोई कर्मियों में उत्साह बढ़ा है। इससे वे साफ-सफाई और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए बच्चों के लिए बेहतर भोजन तैयार करने में और अधिक जिम्मेदारी से काम करेंगे। नारायणपुर जिले में शुरू हुई यह पहल शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
