Live Telecast: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सुकमा जिले में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। गुजरात के एकता नगर में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता परेड 2026’ का जिलेभर में सीधा प्रसारण किया गया। सुकमा पुलिस की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा बलों के जवानों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के सभी थानों, सुरक्षा कैंपों, पोटाकेबिन और छात्रावासों में लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए बड़ी स्क्रीन, टीवी और प्रोजेक्टर लगाए गए थे। शाम 5:30 बजे से शुरू हुई स्क्रीनिंग जिले के कुल 102 स्थानों पर आयोजित की गई। पुलिस के अनुसार, इस दौरान करीब 18 से 20 हजार लोगों ने एक साथ राष्ट्रीय एकता परेड का प्रसारण देखा। कार्यक्रम के दौरान कई सुरक्षा कैंपों और आयोजन स्थलों पर ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजते रहे। जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।
शारदा सिनेमा में जुटे प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि
जिला मुख्यालय स्थित शारदा सिनेमा में विशेष लाइव स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कलेक्टर अमित कुमार, सीआरपीएफ के डीआईजी आनंद राज पुरोहित और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर सहित प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि दीपिका शोरी, धनीराम बरसे, अन्य गणमान्य नागरिक, पत्रकार और बड़ी संख्या में शहरवासी भी मौजूद रहे।अंदरूनी इलाकों में भी दिखा उत्साह
इस आयोजन की खास बात यह रही कि जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुवर्ती, गोगुंडा, गोलापल्ली और किस्टाराम जैसे इलाकों के सुरक्षा कैंपों में जवानों के साथ ग्रामीणों ने भी परेड देखी। कभी नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहने वाले इन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों की एक साथ मौजूदगी ने आयोजन को अलग पहचान दी। यहां भी देशभक्ति के नारों के बीच लोगों ने राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया।
पुलिस और आम लोगों की साझा भागीदारी पर जोर
सुकमा पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति लोगों को जागरूक करना और समाज में आपसी विश्वास को मजबूत करना रहा। एक ही मंच पर जवानों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों की भागीदारी ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद और समन्वय का संदेश दिया। पुलिस के मुताबिक, जिले के सभी 102 स्क्रीनिंग केंद्रों पर दर्शकों के बैठने, छाया और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया था। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ गांवों तक हुए इस आयोजन में लोगों की भागीदारी ने राष्ट्रीय एकता दिवस को सामूहिक उत्सव का रूप दिया।






