जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महासमुंंद में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के जन आंदोलन एवं अभियान को लेकर प्राचार्य अरुण प्रधान एवं उप प्राचार्य उमादेवी शर्मा के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम समन्वयक व्याख्याता टेकराम सेन के निर्देशन में परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उप प्राचार्य उमादेवी शर्मा ने छात्राध्यापकों को संबोधित करते हुये कहा कि विकसित भारत 2047 के परिप्रेक्ष्य में असाक्षरों को साक्षर करना हमारे लिए महत्वपूर्ण कड़ी है हम सभी वीटी (वाटिलिटियर्स) के रुप में कार्य करते हुये अपने जिला को शत प्रतिशत साक्षरता की ओर ले जा सकते हैं।
नवभारत कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचना कर्तव्य
विकासखंड परियोजना अधिकारी एवं सहायक वि.खं. शिक्षा अधिकारी तारिका कुंजाम ने कहा कि असाक्षरों तक शिक्षा की मशाल प्रज्जवलित कर उन्हें साक्षर बनाना पुण्य का कार्य है। डाइट के छात्राध्यापक होने के नाते हम जिला को अविलंब लक्ष्य तक पहुंचा सकते हैं। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक सुषमा द्विवेदी ने भी छात्राध्यापकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता का दीप पूरे प्रदेश में प्रकाशित हो रहा है। इस दीप की लौ को जन जन तक पहुंचना हमारा कर्तव्य है।
15 अगस्त को विशेष अभियान
विकासखंड नोडल अधिकारी ईश्वर चंद्राकर ने कार्यक्रम की समस्त रुपरेखा से छात्राध्यापकों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य थीम मेरा राज्य मेरा साक्षर आजादी का असली उल्लास जन जन तक विश्वास पर विस्तृत क्यों की। जिला साक्षरता केन्द्र (डी.एल.सी.) प्रभारी टेकराम सेन ने कहा कि हमें 15 अगस्त विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम हेतु अभियान चलाना है।अभियान को सफल बननाने चर्चा
सेन ने कहा फेसबुक एवं वाट्सशाप ग्रुप, सामूहिक उल्लास शपथ, मोबाईल एवं टार्च रैली मातृत्व साक्षरता डिजिटल और साक्षरता शेल्फी पाइंट सहित रंगोली नुक्कड़ नाटक, अंगूठा मुक्त पंचायत की जानकारी देते हुये इस अभियान को सफल बनाने हेतु चर्चा की। परिचर्चा के दौरान छात्राध्यापकों की ओर से आंचल, देवानंद, कल्याणी, कलेश्वरी, मुस्कान, राकेश पटेल, रोशन यादव एवं यशोदा दीवान ने सहभागिता दर्जकराते हुये उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर अपने विचार प्रकट किये। उक्त जानकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से नोडल अधिकारी ईश्वर चंद्राकर ने दी है।