Breaking the laws of physics once again: "Unke ball mein court hai!" 🎾🤦♂️
— Gaurav (@k_gauravs) August 29, 2026
From waking up at night in the morning to reshaping tennis terminology, nobody delivers unscripted comedy quite like Rahul Gandhi. Truly the lifetime president of the Confused Club! 🏆😂…
भाषण के बाद मंच की शुद्धिकरण
अध्यक्ष के लिए न्याय चाहिए: राहुल
राहुल ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा, "ऐसा कौन करता है? यह काम सिर्फ BJP और RSS के लोग करते हैं, और यह एक अपराध है। जब वे इस तरह का 'शुद्धिकरण' करते हैं, तो असल में वे समाज को संदेश दे रहे होते हैं कि दलित अशुद्ध हैं। मुझे अपने अध्यक्ष के लिए न्याय चाहिए।" देश में व्याप्त सामाजिक असमानता पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कई व्यावहारिक उदाहरण दिए।चाय की दुकानों से लेकर स्कूलों तक...
- दूषित मानसिकता का असर: उन्होंने कहा कि संविधान ने भले ही भेदभाव को गैर-कानूनी बना दिया हो, लेकिन आज भी कई स्कूलों में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ करवाए जाते हैं और पोछा लगवाया जाता है। इससे बच्चों के बाल-मन पर गहरा मानसिक असर पड़ता है।
दुकानों पर दो तरह के कप: उत्तर भारत के गांवों और शहरों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि आज भी चाय की दुकानों पर दो तरह के कप रखे जाते हैं—दूसरों के लिए कांच के कप और दलितों के लिए इस्तेमाल करके फेंकने वाले प्लास्टिक/कागज के कप।
पानी के कुओं पर पाबंदी: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई इलाकों में दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी नहीं लेने दिया जाता, जिसके कारण उन्हें अपने अलग कुएं खोदने पड़ते हैं।

