Railway Job Fraud: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 13.07 लाख रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित रविकांत यादव, जो दयालबंद का निवासी है, को आरोपियों ने रेलवे में ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपियों ने रेलवे के बड़े अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा कर युवक को अपने झांसे में लिया। पीड़ित की शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में रकम ली।
यह भुगतान UPI और PhonePe के जरिए किया गया। कभी नियुक्ति पत्र दिलाने, कभी ट्रेनिंग शुरू कराने और कभी दस्तावेजों के सत्यापन के नाम पर पैसे मांगे गए। नौकरी मिलने की उम्मीद में रविकांत लगातार रकम देता रहा।
न नौकरी मिली, न वापस हुई रकम
काफी समय बीतने के बाद भी रविकांत को न तो रेलवे में नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस किए गए। जब उसने अपनी रकम लौटाने की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में उन्होंने पीड़ित से संपर्क करना भी बंद कर दिया। इसके बाद रविकांत को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके मोबाइल नंबर, UPI ट्रांजेक्शन की जानकारी और कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले ने एक बार फिर नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत सामने रखी है। रेलवे या किसी अन्य सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का दावा करने वाले लोगों को पैसे देने से पहले उनकी पहचान और दावों की पुष्टि करना जरूरी है।






