Raipur Rain News: तूफान अर्नब की वजह से हाहाकार, 19 साल बाद खतरे के निशान से ऊपर बही खारुन नदी, रिकॉर्ड टूटा
Raipur Rain News: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से हुई भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। रायपुर की खारुन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि बस्तर की इंद्रावती नदी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुटा है।
Raipur Rain News: छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से पूरा प्रदेश जलमग्न है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर के आखरी छोर जगदलपुर तक, सड़कें दरिया बन चुकी हैं और नदी-नाले उफान पर हैं। जलभराव का असर इस कदर पड़ा है कि सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
रायपुर में रात 2 बजे मचा हड़कंप, 19 साल का रिकॉर्ड टूटा
धमतरी स्थिति गंगरैल डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण रायपुर की खारुन नदी रौद्र रूप धारण कर चुकी है। बीते 19 सालों में यह पहला मौका है जब खारुन का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसकी वजह से रायपुर और दुर्ग को जोड़ने वाला मुख्य पुल पानी में डूब चुका है। आलम यह रहा कि बीती देर रात करीब 2 बजे चंदनीडीह, महादेव घाट, भाठागांव, काठाडीह और दतरेंगा की
निचली बस्तियों में अचानक पानी घुस गया। सोते हुए लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल (SDRF/NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और जलभराव में फंसे लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
बस्तर में इंद्रावती ने तोड़ा 1973 का रिकॉर्ड, दुर्ग के 12 गांवों में घुसा पानी
राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्से में हालात सबसे ज्यादा नाजुक हैं:
इंद्रावती नदी का तांडव: बस्तर संभाग में इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.20 मीटर तक जा पहुंचा है। इसने साल 1973 में दर्ज 12.15 मीटर के सर्वकालिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। जगदलपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
शिवनाथ नदी का उफान: दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के बढ़ते जलस्तर से 12 से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 200 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
इन जिलों के लिए मौसम विभाग का 'यलो अलर्ट'
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र (Deep Depression) अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों—रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, जांजगीर, सक्ती, सूरजपुर और बलरामपुर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के करीब न जाने और बिना वजह यात्रा से बचने की अपील की है।