बालोद जिले के भैसबोड़ गांव में सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। लंबे समय से खराब सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने बुधवार को अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गांव के मुख्य मार्ग पर ही धान की रोपाई कर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित किया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। बारिश के कारण मार्ग की स्थिति और खराब हो गई है, जिससे लोगों को रोजाना आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
राम मंदिर से मड़ई चौक तक बननी है सड़क
जानकारी के अनुसार, भैसबोड़ गांव में राम मंदिर से मड़ई चौक तक करीब 16 लाख 15 हजार रुपये की लागत से सड़क निर्माण होना है। इसके लिए मंडी बोर्ड से 12 दिसंबर 2024 को प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क लंबे समय से खराब है। निर्माण पूरा होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी।

वर्क ऑर्डर के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण
सड़क निर्माण के लिए 4 सितंबर 2025 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। तय समय के अनुसार करीब तीन महीने में काम पूरा होना था, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।
बारिश में कीचड़ से बढ़ी परेशानी
बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब मार्ग के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
ट्रैक्टर से पहुंचे ग्रामीण, सड़क पर रोपा धान
विरोध के दौरान ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और सड़क के बीचों-बीच धान की रोपाई की। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, इसलिए उन्होंने इसी अंदाज में अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की है।
जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वीकृत सड़क का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद मंजूरी मिली, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
सीईओ से संपर्क की कोशिश, नहीं मिला जवाब
इस मामले में डौंडी जनपद पंचायत के सीईओ डी.डी. मांडले से जानकारी लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे फोन पर बात नहीं हो सकी। अधिकारियों का पक्ष मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।