घरेलू शेयर बाजार में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में हुई बिकवाली से बाजार पूरे कारोबारी सत्र के दौरान दबाव में रहा। बीएसई सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निवेशकों ने सावधानी बरती और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भी घरेलू सूचकांकों पर दिखाई दिया।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई और आयात खर्च बढ़ने की आशंका रहती है। इसी चिंता के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 132.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत लुढ़ककर 24,154.90 अंक पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी के ज्यादातर प्रमुख शेयर दबाव में नजर आए।
सेंसेक्स तीसरे दिन गिरा, निफ्टी में छठे दिन नुकसान
सेंसेक्स में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी लगातार छठे सत्र में नुकसान के साथ बंद हुआ। गिरावट का लंबा सिलसिला बने रहने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। बाजार की कमजोरी के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 0.1 प्रतिशत गिरकर 95.68 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.6025 के स्तर पर बंद हुआ था।
आईटी और रियल्टी शेयरों में बिकवाली
ऑटो सेक्टर चमका सेक्टर के आधार पर निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव पूरे सत्र में बना रहा। इसके विपरीत ऑटो कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा।
कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों और डॉलर की मांग
पश्चिम एशिया के तनाव से सहमा बाजार, 22 शेयर टूटे सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 22 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। एशियन पेंट्स में सबसे अधिक 2.4 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा इन्फोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो और आईटीसी के शेयरों में भी बिकवाली हावी रही। पश्चिम एशिया की परिस्थितियों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया।
निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.43 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ
जबकि निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक लगभग सपाट रहा। निवेशकों को फिर झटका, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर बंद कमजोर कारोबारी माहौल के बावजूद कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। एक्सिस बैंक, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व और एनटीपीसी के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, निफ्टी-50 में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एशियन पेंट्स और इन्फोसिस सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कच्चे तेल की चाल और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर बनी हुई है।