Signal School Surat: सूरत में बच्चों के लिए नई पहल शुरू हुई है। यहां ‘सिग्नल स्कूल’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है। पहले चरण में 45 बच्चों का चयन हुआ है। इनकी उम्र 6 से 8 वर्ष है। बच्चों को रोजाना बस से स्कूल लाया जाएगा। पढ़ाई के बाद उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया जाएगा।
पहले चरण में 45 बच्चों का चयन
प्रोजेक्ट के पहले चरण में रांदेर जोन के आसपास ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगने या काम करने वाले 6 से 8 वर्ष की उम्र के 45 बच्चों को रेस्क्यू कर चयनित किया गया है। शिक्षा समिति की ओर से तैयार की गई सिटी लिंक बस इन बच्चों को रोजाना उनके क्षेत्र से स्कूल लेकर आएगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद बच्चों को सुरक्षित वापस उनके घर या संबंधित क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
पढ़ाई के साथ मिलेंगी मुफ्त सुविधाएं
बच्चों के लिए अलग कक्षा की व्यवस्था की गई है, जहां पांच शिक्षक उन्हें पढ़ाएंगे। बच्चों को पढ़ाई के साथ मध्याह्न भोजन, हेल्थ चेकअप, यूनिफॉर्म और शैक्षणिक सामग्री भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। ब्रिज कोर्स के जरिए बच्चों को बुनियादी शिक्षा दी जाएगी, ताकि वे नियमित स्कूल की पढ़ाई के लिए तैयार हो सकें। ब्रिज कोर्स पूरा करने के बाद बच्चों का दाखिला उनके आसपास के नगर निगम स्कूलों में कराया जाएगा। इस अभियान के तहत अब तक 650 से अधिक बच्चों को मनपा स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। इसका उद्देश्य सिग्नल और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले बच्चों को बाल श्रम और भिक्षावृत्ति से दूर कर शिक्षा से जोड़ना है।
सपनों तक पहुंचाने वाला पुल
उद्घाटन कार्यक्रम में जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक बस नहीं है, बल्कि बच्चों को उनके सपनों तक पहुंचाने वाला पुल है। उन्होंने अहमदाबाद में शुरू किए गए ऐसे प्रयासों की तर्ज पर सूरत के ‘सिग्नल स्कूल’ प्रोजेक्ट के भी सफल होने की उम्मीद जताई।

