PoK में हालात बेकाबू : सेना की गोलीबारी में 30 की मौत, सड़कों पर उतरी जनता ने भारत से मांगी मदद
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बुनियादी मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन हिंसक हो गया है। जॉइंट अवामी ऐक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। इलाके में तनाव के बीच इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस वक्त हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अपनी बुनियादी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरी आम जनता और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि आंदोलन को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स निहत्थे नागरिकों पर सीधी गोलियां चला रहे हैं। प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही 'जॉइंट अवामी ऐक्शन कमेटी' (JAAC) के मुताबिक, बीते सोमवार और मंगलवार को हुई हिंसक कार्रवाई में कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है। पीओके के अलग-अलग हिस्सों से कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जो वहां के खौफनाक मंजर की गवाही दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक भावुक वीडियो में एक स्थानीय महिला ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी फौज और पुलिस मिलकर कश्मीरी लोगों का कत्लेआम कर रही है।
"हमारा कश्मीर खून से भर चुका है, यहां अपनों को शहीद किया जा रहा है। हम भारतीय सेना से अपील करते हैं कि वे आकर हमें इस जुल्म से बचाएं।" — पीओके की एक स्थानीय निवासी (सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो)
अंधाधुंध फायरिंग में कई घायल
इस बार का जनआक्रोश इतना व्यापक है कि इसमें वे लोग भी शामिल हो गए हैं जो कभी पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के वफादार माने जाते थे। सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की अंधाधुंध फायरिंग में कई पूर्व पाकिस्तानी सैनिक और सेवानिवृत्त अधिकारी भी घायल हुए हैं।
पूर्व SSG कमांडो जख्मी: रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना की गोलीबारी में पूर्व एसएसजी कमांडो फारुक सुधन गंभीर रूप से घायल हुआ है। सुधन पर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने के आरोप लगते रहे हैं।
अस्पताल से वीडियो वायरल: अस्पताल के बेड पर गंभीर हालत में लेटे फारुक सुधन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अपनी ही सेना की बर्बरता का शिकार दिख रहा है।
शवों को गायब करने का गंभीर आरोप
JAAC के प्रवक्ताओं ने पाकिस्तानी सेना पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। कमेटी के अनुसार:
सोमवार: सेना की कार्रवाई में 25 आम नागरिकों की जान गई।
मंगलवार: हिंसा के दौरान 5 और लोगों ने दम तोड़ा।
अवामी ऐक्शन कमेटी का दावा है कि मौतों के वास्तविक आंकड़ों को छिपाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बल मारे गए लोगों के शवों को गुप्त रूप से गायब कर रहे हैं, ताकि दुनिया के सामने उनकी इस बर्बरता की पोल न खुले। फिलहाल पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं ठप हैं और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद आम जनता पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रही है।