सोनम वांगचुक स्वास्थ्य मामले में मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा और अहम आदेश जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि सोनम वांगचुक को तुरंत मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। अदालत ने अस्पताल प्रशासन को उनके इलाज के लिए विशेष डॉक्टरों का एक पैनल गठित करने को कहा है, जो उनकी सेहत की नियमित निगरानी करेगा। कोर्ट के इस कदम से उनके स्वास्थ्य को लेकर चल रही अनिश्चितता और चिंता पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है।
कोर्ट की कार्यवाही
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और उनकी मेडिकल रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। हाईकोर्ट की पीठ ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि उनकी सभी पिछली और वर्तमान मेडिकल रिपोर्ट्स तुरंत मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों के नए पैनल को सौंपी जाएं, ताकि इलाज में किसी भी प्रकार की देरी न हो। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस संवेदनशील मामले में दोपहर के भोजन के बाद एक विस्तृत और पूर्ण आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें इलाज से जुड़ी अन्य शर्तों को भी स्पष्ट किया जाएगा।
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत
यह पूरा मामला सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और उनकी देखरेख को लेकर चल रहे कानूनी व प्रशासनिक घटनाक्रम से जुड़ा हुआ है। पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न हलकों में चिंता जताई जा रही थी, जिसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच इस बात पर भी मंथन हुआ कि उनकी सुरक्षा और चिकित्सीय निगरानी किस प्रकार सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी सेहत में जल्द से जल्द सुधार हो सके।
सरकार और अधिकारियों का पक्ष
मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को अवगत कराया कि सरकार को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण शर्त रखी गई कि उन्हें डॉक्टरों की सलाह के बिना अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने इस तथ्यात्मक जानकारी और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद ही अपना यह अंतरिम निर्देश पारित किया है।