हसौद थाना परिसर से रविवार को एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई। थाना में पदस्थ आरक्षक जय लहरें ने थाना परिसर की ऊपरी मंजिल पर स्थित बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता उस समय चला जब ड्यूटी के दौरान साथी पुलिसकर्मी बैरक पहुंचे और उन्हें फंदे से लटका हुआ देखा। सूचना मिलते ही थाना परिसर में हड़कंप मच गया और तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
साथियों ने अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए आरक्षक जय लहरें को नीचे उतारा और तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हसौद लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने के बाद भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
कारणों की जांच जारी
फिलहाल आरक्षक जय लहरें ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत, मानसिक या अन्य किसी कारण की भूमिका रही है या नहीं, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
पुलिस विभाग में शोक का माहौल
इस घटना के बाद हसौद थाना सहित पूरे पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। साथी पुलिसकर्मी और अधिकारी आरक्षक जय लहरें के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।