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Questions raised over Ashram building repairs(Image Source: Keertiman Media)
Questions raised over Ashram building repairs(Image Source: Keertiman Media)
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Surguja News: 20 लाख की मरम्मत के बाद फिर 55 लाख का टेंडर, पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों पर उठे सवाल

Surguja News: बतौली क्षेत्र में पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों की मरम्मत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गोविंदपुर और तिरंग आश्रमों में करीब 20 लाख रुपए की मरम्मत के बाद अब विभाग ने 55 लाख रुपए का नया टेंडर जारी किया है। मामले में पुराने और नए कार्यों की जांच की मांग की जा रही है।

प्रकाशित: 19 Sep 2026, 03:59 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
अंबिकापुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Surguja News: आदिम जाति कल्याण विभाग में पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों की मरम्मत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बतौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोविंदपुर और तिरंग में संचालित आश्रम भवनों के लिए विभाग ने करीब 55 लाख रुपए का नया टेंडर जारी किया है। खास बात यह है कि इन दोनों भवनों में कुछ महीने पहले ही अनुरक्षण मद से लगभग 20 लाख रुपए खर्च कर मरम्मत कार्य कराया जा चुका है और उसका भुगतान भी किया जा चुका है। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब आश्रम भवनों में हाल ही में मरम्मत का काम पूरा हो चुका है, तो दोबारा इतने बड़े बजट का टेंडर किस आधार पर जारी किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, गोविंदपुर और तिरंग स्थित पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों में करीब तीन महीने पहले अनुरक्षण मद से मरम्मत कराई गई थी। विभाग की निर्माण शाखा के एसडीओ राजाराम पुशाम ने भी बताया कि तिरंग आश्रम भवन में लगभग 10 लाख रुपए की लागत से काम कराया गया था। वहीं, गोविंदपुर आश्रम भवन में भी करीब इतनी ही राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों कार्यों का भुगतान भी किया जा चुका है।

22 सितंबर को खुलेगा नया टेंडर

आदिम जाति कल्याण विभाग ने अब दोनों आश्रम भवनों के लिए करीब 55 लाख रुपए का नया मरम्मत टेंडर जारी किया है। पहले टेंडर खोलने की तारीख 15 सितंबर तय थी, जिसे बढ़ाकर अब 22 सितंबर कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि यह टेंडर बड़े स्तर पर होने वाले अन्य मरम्मत कार्यों के लिए जारी किया गया है। मामले में विभाग के मंडल संयोजक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि सहायक आयुक्त के निर्देश पर ठेकेदार को आश्रम भवनों में काम करने की अनुमति दी गई थी। उनके अनुसार ठेकेदार ने भवनों में मरम्मत कार्य कराया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह काम किस मद से कराया गया था।

सहायक आयुक्त बोले- बाकी काम टेंडर से कराया जाएगा

आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला ने बताया कि आश्रम भवनों में विभागीय मद के तहत मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो काम पहले नहीं हुए हैं, उन्हें नए टेंडर के माध्यम से पूरा कराया जाएगा। हालांकि, एक ही भवन में पहले हुए मरम्मत कार्य और नए टेंडर में शामिल कामों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मौके पर स्थिति की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कौन-कौन से कार्य पहले हो चुके हैं और नए टेंडर में किन कार्यों को शामिल किया गया है।

जांच की मांग, पारदर्शिता पर जोर

पहले करीब 20 लाख रुपए खर्च होने के बाद अब 55 लाख रुपए के नए टेंडर ने विभागीय प्रक्रिया पर चर्चा शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और जानकारों ने पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पुराने कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान की प्रक्रिया, तकनीकी मूल्यांकन और नए टेंडर में प्रस्तावित कामों की वास्तविक स्थिति की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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