बीते 1 अगस्त से शहर में रुकी सफाई व्यवस्था अब पटरी पर लौटने जा रही है। प्रभारी के दुर्व्यवहार और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लामबंद हुईं स्वच्छता दीदियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के सीधे हस्तक्षेप और नगर पालिका प्रशासन के ठोस लिखित व मौखिक आश्वासनों के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ। नगर पालिका में कार्यरत स्वच्छता दीदियां लंबे समय से कार्यस्थल पर बदसलूकी और संसाधनों की किल्लत से जूझ रही थीं।
नौशाद का रवैया बेहद अपमानजनक
दीदियों का आरोप था कि उनके प्रभारी नौशाद बख्श का रवैया उनके प्रति बेहद अपमानजनक और अनुचित रहता है। इसके साथ ही, रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा दस्ताने और वर्दी के लिए उन्हें कोई अलग से बजट नहीं दिया जा रहा था। हद तो तब हो गई जब उन्हें गीला और सूखा कचरा उठाने वाले रिक्शों की मरम्मत भी अपनी जेब से करानी पड़ रही थी। अधिकांश रिक्शे जर्जर स्थिति में पहुंच चुके थे, जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता था।
प्रभारी का किया स्थानांतरण
इन समस्याओं से परेशान होकर दीदियों ने काम बंद कर दिया था और बीते दिन कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक राजू सिंह ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) सौरभ शर्मा ने दीदियों की प्राथमिक मांग को स्वीकार करते हुए आरोपी प्रभारी नौशाद बख्श का तत्काल प्रभाव से दूसरे विभाग में स्थानांतरण कर दिया।
मरम्मत का पूरा खर्च उठाएगी पालिका
वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने स्वच्छता कर्मियों को आश्वस्त किया है कि अब से सुरक्षा दस्ताने, वर्दी और जर्जर रिक्शों के रखरखाव व मरम्मत का पूरा खर्च नगर पालिका प्रशासन वहन करेगा। किसी भी दीदी को अपनी जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन के इस त्वरित फैसले और मांगों पर मिली सहमति के बाद स्वच्छता दीदियों ने संतोष जताया है और जल्द ही शहर में नियमित सफाई अभियान फिर से शुरू करने की बात कही है।