टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयरों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। लंबे समय तक सीमित रिटर्न देने के बाद अब यह स्टॉक निवेशकों की पसंद बन गया है। कंपनी का शेयर सोमवार को अपने नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। इस साल टाइटन के मार्केट कैप में करीब 80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। टाइटन वही कंपनी है जिसने दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी पहचान दिलाई थी। उनकी शुरुआती बड़ी सफलताओं में टाइटन का निवेश भी शामिल था।
शेयर 5,121.30 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
बीएसई पर टाइटन का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4,943 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 4,977.20 रुपये के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 5,121.30 रुपये तक पहुंच गया। यह कंपनी के शेयर का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। शेयर में तेजी के साथ ही टाइटन का मार्केट कैप भी 4.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। हालांकि पिछले दो सालों में कंपनी के शेयर ने लगभग सपाट प्रदर्शन किया था। ऊंची वैल्यूएशन, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग को लेकर चिंताओं के कारण निवेशक सतर्क बने हुए थे।
ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलरी बाजार से टाइटन काे फायदा
इस साल ज्वेलरी सेक्टर में मांग उम्मीद से बेहतर रही है। ग्राहकों का रुझान अब पारंपरिक दुकानों की जगह बड़े और भरोसेमंद ब्रांडेड ज्वेलरी चेन की ओर बढ़ रहा है। शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी संगठित ज्वेलरी बाजार का विस्तार हो रहा है। इस बदलाव का फायदा टाइटन की प्रमुख ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क और ऑनलाइन ज्वेलरी प्लेटफॉर्म कैरेटलेन को मिला है। मजबूत ब्रांड पहचान और बड़े रिटेल नेटवर्क के कारण कंपनी अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सफल रही है।टाइटन के भविष्य ब्रोकरेज फर्म सकारात्मक
टाइटन के भविष्य को लेकर कई ब्रोकरेज फर्म सकारात्मक नजर आ रही हैं। HSBC ने कंपनी के लिए 5,290 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत का ज्वेलरी बाजार आने वाले समय में कंजम्पशन सेक्टर के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, Citi ने टाइटन पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 5,075 रुपये से बढ़ाकर 5,700 रुपये कर दिया है। मोतीलाल ओसवाल ने भी कंपनी पर अपनी खरीदारी की सलाह बनाए रखी है और 6,000 रुपये का लक्ष्य रखा है।
सोने की कीमतों में स्थिरता से बढ़ी खरीदारी
टाइटन की ग्रोथ में सोने की कीमतों की भूमिका भी अहम रही है। सोने के भाव में स्थिरता आने से ग्राहकों ने दोबारा खरीदारी शुरू की। इससे ज्वेलरी स्टोर्स पर बिक्री में सुधार देखने को मिला। कंपनी के एक्सचेंज प्रोग्राम ने भी ग्राहकों को आकर्षित किया है। इसके तहत लोग पुरानी ज्वेलरी देकर नई खरीदारी कर सकते हैं। इस रणनीति से टाइटन को नए ग्राहकों तक पहुंचने और अपने संगठित रिटेल नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिली है।मजबूत ब्रांड और रणनीति से आगे बढ़ने की उम्मीद
ब्रोकरेज कंपनियों के अनुसार, टाइटन की मजबूत सोर्सिंग रणनीति, स्टडेड ज्वेलरी पर फोकस, युवाओं को आकर्षित करने की योजना और लगातार निवेश कंपनी को प्रतिस्पर्धियों से आगे बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। हालांकि शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिमों को समझना जरूरी है।