Teacher Day Celebration: गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल रीवा में शिक्षक दिवस पर दिखी गुरु-शिष्य परंपरा की झलक
Teacher Day Celebration: : गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल रीवा में शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। माल्यार्पण, पुष्पवर्षा और सम्मान समारोह के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा की झलक देखने को मिली।
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कीर्तिमान न्यूज
05 Sep 2026, 02:43 PM
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Teacher Day Celebration: गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल रीवा में शिक्षक दिवस का आयोजन उत्साह और आत्मीयता के साथ किया गया। कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियों में गुरुजनों के प्रति प्रेम और कृतज्ञता का भाव साफ नजर आया।
माल्यार्पण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों का माल्यार्पण और पुष्पवर्षा कर की गई। इसके बाद विद्यालय के प्रधान पाठक खान सर ने फीता काटकर आयोजन का औपचारिक शुभारंभ किया। बच्चों ने भाषण, संगीत, शायरी और नृत्य सहित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों ने शिक्षकों और अतिथियों का मन मोह लिया।
विद्यार्थियों ने शिक्षकों को किया सम्मानित
आयोजन का प्रमुख आकर्षण सम्मान समारोह रहा। इसमें विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। बच्चों की ओर से शिक्षकों के प्रति व्यक्त किया गया यह स्नेह और सम्मान सभी के लिए विशेष रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में गुरु-शिष्य परंपरा और संस्कारों की झलक भी देखने को मिली।विद्यार्थियों कि सफलता ही उनके शिक्षको के लिए सबसे बड़ा सम्मान है
संचालक ने बताया शिक्षक और माता-पिता का महत्व
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय संचालक यशवंत कुमार चतुर्वेदी ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन निर्माण में शिक्षक और माता-पिता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराते, बल्कि विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार, नैतिकता और जीवन की सही दिशा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों की पहली पाठशाला होते हैं, जबकि शिक्षक विद्यालय में उनके मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को दोनों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि यही उनके व्यक्तित्व और संस्कारों की पहचान बनता है। उन्होंने बच्चों से जीवन में आगे बढ़ने के बाद भी अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान व कृतज्ञता बनाए रखने का आग्रह किया।
अच्छे इंसान बनना ही शिक्षा का उद्देश्य
चतुर्वेदी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के समाज और देश का भविष्य हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से युक्त बेहतर इंसान बनना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षकों की सीख को अपने जीवन में उतारने और माता-पिता का सदैव सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का वास्तविक सम्मान केवल एक दिन पुष्प और उपहार देने से नहीं, बल्कि उनके बताए अच्छे मार्ग पर चलने से होता है। विद्यार्थियों की सफलता ही उनके शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
संस्कारों का संदेश देकर संपन्न हुआ आयोजन
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने शिक्षक दिवस को शिक्षा, स्नेह और सम्मान से जोड़ते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की सुंदर मिसाल प्रस्तुत की। आयोजन ने विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया और उन्हें जीवन में माता-पिता एवं गुरुजनों के महत्व का संदेश दिया।