Tonsillitis prevention tips: खाना खाते समय या पानी पीते वक्त गले में दर्द होना एक आम परेशानी है। कई बार यह समस्या सामान्य गले की खराश के कारण होती है, लेकिन अगर दर्द गले के दोनों किनारों पर मौजूद टॉन्सिल के आसपास ज्यादा महसूस हो रहा है, तो यह टॉन्सिलाइटिस (Tonsillitis) यानी टॉन्सिल में सूजन या संक्रमण का संकेत हो सकता है। टॉन्सिल गले के पीछे मौजूद छोटे-छोटे ऊतक (Tissues) होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम का हिस्सा होते हैं।
टॉन्सिल में सूजन के लक्षण
ये शरीर में प्रवेश करने वाले वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। हालांकि, मौसम में बदलाव, वायरल संक्रमण या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण कई बार इनमें सूजन आ जाती है। टॉन्सिल में सूजन होने पर गले में खराश, निगलने में दर्द, बुखार, आवाज में बदलाव और टॉन्सिल पर सफेद धब्बे जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
ज्यादातर मामलों में यह समस्या गंभीर नहीं होती और सही देखभाल से कुछ दिनों में ठीक हो सकती है। हालांकि, सावधानी बरतने से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
टॉन्सिल की समस्या से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
1. हाथों की सफाई का रखें विशेष ध्यान वायरस और बैक्टीरिया अक्सर हाथों के जरिए शरीर में पहुंचते हैं। इसलिए संक्रमण से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से साफ रखना जरूरी है। खाना खाने से पहले, बाहर से घर आने के बाद और खांसने या छींकने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत डालें। इससे संक्रमण फैलने की संभावना कम हो सकती है।
2. खांसते और छींकते समय मुंह ढकें सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण से जुड़े वायरस सांस की बूंदों के जरिए फैल सकते हैं। इसलिए खांसते या छींकते समय टिश्यू या कोहनी का इस्तेमाल करें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत कूड़ेदान में डाल दें और हाथों को साफ करें, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न पहुंचे।
3. संक्रमित व्यक्ति की चीजें शेयर करने से बचें अगर घर या आसपास किसी व्यक्ति को गले का संक्रमण है, तो उसके साथ गिलास, चम्मच, पानी की बोतल या खाने-पीने की अन्य चीजें साझा करने से बचना चाहिए। लार और सांस की बूंदों के जरिए संक्रमण फैल सकता है, इसलिए इस दौरान अतिरिक्त सावधानी रखना जरूरी है।
4. शरीर को हाइड्रेट रखें गले में दर्द होने पर पानी पीना मुश्किल लग सकता है, लेकिन शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से गले में नमी बनी रहती है और जलन व परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है। सामान्य तापमान या हल्का गुनगुना पानी कुछ लोगों को राहत दे सकता है।
गले के दर्द में कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
आमतौर पर टॉन्सिल की समस्या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
- अगर— गले का दर्द लगातार बढ़ रहा है
- एक सप्ताह के बाद भी राहत नहीं मिल रही है
- बार-बार टॉन्सिल की समस्या हो रही है
- खाना या पानी निगलने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है
- तेज बुखार आ रहा है
- टॉन्सिल पर सफेद या पीले धब्बे दिखाई दे रहे हैं
- गर्दन में दर्द या सूजन महसूस हो रही है
- शरीर में पानी की कमी के संकेत नजर आ रहे हैं
तो डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए।
टॉन्सिल की समस्या को नजरअंदाज न करें
खाना निगलते समय गले में दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिसमें टॉन्सिलाइटिस एक आम वजह है। हालांकि, हर बार गले के दर्द को टॉन्सिल की समस्या मानना सही नहीं होता। अधिकतर मामलों में वायरल संक्रमण के कारण यह परेशानी होती है और कुछ दिनों में ठीक हो सकती है। साफ-सफाई का ध्यान रखना, पर्याप्त पानी पीना और गले की सही देखभाल करना संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।
अगर दर्द ज्यादा बढ़ जाए, बार-बार समस्या हो या निगलने और सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

