UNHRC: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के प्रमुख वोल्कर तुर्क ने वैश्विक मंच पर भारत सरकार के कामकाज की प्रशंसा की है। उन्होंने विशेष रूप से CJP (सिविल जस्टिस प्रोटेक्शन या संबंधित नागरिक) आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान सरकार द्वारा अपनाई गई व्यवस्था और उठाए गए कदमों को एक सकारात्मक मिसाल के रूप में देखा है। उनके इस बयान को कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
चीन और पाकिस्तान के लिए संदेश
CJP प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर UNHRC प्रमुख ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन और पाकिस्तान को भी सलाह दी है। उनका कहना है कि जब जनता में किसी बात को लेकर नाराजगी हो या सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन हो, तो उनसे किस प्रकार निपटा जाना चाहिए, इसके तौर-तरीके चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को भारत से सीखने की जरूरत है। भारत में इस तरह के आंदोलनों को संभालने की प्रक्रिया को उन्होंने एक प्रकार से वैश्विक स्तर पर अध्ययन का विषय बताया है।
छात्र और नागरिक प्रदर्शनों पर वैश्विक रुख
हाल के समय में वैश्विक स्तर पर स्टूडेंट प्रोटेस्ट और नागरिक आंदोलनों से निपटने के तौर-तरीकों को लेकर बहस छिड़ी रहती है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी द्वारा भारतीय मॉडल की तारीफ करना यह दर्शाता है कि लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर विरोध प्रदर्शनों को संभालना और जनहित के मुद्दों पर संवाद स्थापित करना किस प्रकार प्रशासनिक कुशलता का उदाहरण बन सकता है। हालांकि, इस रिपोर्ट और बयानों से जुड़े विस्तृत दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की प्रक्रिया अभी पूरी की जानी बाकी है, जिसे मानव पत्रकारों द्वारा सत्यापित किया जाना है।
