कश्मीर के श्रीनगर निवासी आदम फरीदी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाय अपना खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया। कंप्यूटर साइंस इंजीनियर आदम ने अपनी तकनीकी शिक्षा को पीछे छोड़ कश्मीरी खानपान की पहचान वजवान को दुनिया तक पहुंचाने का सपना देखा और इसी सोच के साथ फूड स्टार्टअप की शुरुआत की।
आदम फरीदी ने 'वाजारू फूड्स' (Wazaroo Foods) नाम से अपना डी2सी (Direct-to-Consumer) फूड ब्रांड शुरू किया। इसका उद्देश्य पारंपरिक कश्मीरी वजवान को देशभर के लोगों तक पहुंचाना है। शुरुआत के कुछ ही महीनों में इस स्टार्टअप ने करीब 15 लाख रुपये का रेवेन्यू हासिल कर लिया।
महसूस हुई कश्मीरी खाने की कमी
श्रीनगर में पले-बढ़े आदम का परिवार होटल या रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़ा नहीं था। इंजीनियरिंग के दौरान जब वह कश्मीर से बाहर रहे, तब उन्हें महसूस हुआ कि देश के कई हिस्सों के लोग असली कश्मीरी वजवान के स्वाद और परंपरा से अनजान हैं। उन्होंने देखा कि बाजार में मिलने वाले कश्मीरी खाने में पारंपरिक मसालों और बनाने के तरीकों की कमी होती है। इसी अंतर को उन्होंने एक अवसर के रूप में देखा और प्रामाणिक कश्मीरी व्यंजनों को लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया।
2025 में रखी स्टार्टअप की नींव
आदम फरीदी ने वर्ष 2025 में श्रीनगर के जाकुरा से अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। इस सफर में उनकी फैमिली फ्रेंड नजीरा अख्तर बतौर को-फाउंडर उनके साथ जुड़ीं।हालांकि, कारोबार शुरू करना उनके लिए आसान नहीं था। शुरुआती दौर में छोटे ऑर्डर के लिए सप्लायरों को तैयार करना और ग्राहकों का भरोसा जीतना बड़ी चुनौती थी।
'रिस्ते' से शुरू हुई स्वाद की यात्रा
स्टार्टअप ने अपने मेन्यू की शुरुआत कश्मीरी वजवान की लोकप्रिय डिश 'रिस्ते' से की। ग्राहकों से मिली अच्छी प्रतिक्रिया के बाद कंपनी ने धीरे-धीरे अपने मेन्यू में कई अन्य पारंपरिक व्यंजन भी शामिल कर लिए। कंपनी ने बिक्री के लिए थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने के बजाय अपनी वेबसाइट को प्राथमिकता दी, ताकि ग्राहकों तक सीधे बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पाद पहुंचाया जा सके।
गुणवत्ता और नियमों पर जोर
आदम फरीदी ने स्टार्टअप की शुरुआत से ही खाद्य सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा। कंपनी ने FSSAI लाइसेंस जैसी जरूरी प्रक्रियाओं को अपनाया, जिससे ग्राहकों के बीच भरोसा कायम हो सके। उन्होंने अपने निजी बचत के पैसों से इस कारोबार की शुरुआत की और बिना किसी बाहरी निवेश के इसे आगे बढ़ाया।
एक साल में बना फायदे वाला कारोबार
वाजारू फूड्स लॉन्च होने के एक साल के भीतर ही मुनाफे में पहुंच गया। वर्तमान में यह स्टार्टअप करीब 15 लाख रुपये के रेवेन्यू का आंकड़ा पार कर चुका है। कंपनी की टीम में छह लोग काम कर रहे हैं और इसके उत्पादों की कीमत करीब 1,399 रुपये तक है।