छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। केंद्रीय जेल में सजा काट रहे एक युवक की शादी उसी युवती से कराई गई, जिसके परिजनों की शिकायत पर उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। अदालत के आदेश के बाद जेल परिसर में विवाह की सभी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं।
अलग-अलग जाति से परिवार ने किया विरोध
जानकारी के मुताबिक, राजूर गांव के रहने वाले सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों अलग-अलग जातियों से थे, इसलिए युवती के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया। विवाद बढ़ने पर परिजनों ने सुरेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और सुरेश को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल भेज दिया।
युवती ने अदालत में रखी अपनी बात
सुरेश के जेल जाने के बाद युवती ने खुद अदालत का दरवाजा खटखटाया। उसने न्यायालय को बताया कि वह अपनी इच्छा से सुरेश के साथ संबंध में थी और दोनों विवाह करना चाहते हैं। युवती ने अदालत से दोनों की शादी कराने की अनुमति देने की मांग की।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस और जेल प्रशासन को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर दोनों की शादी कराने के निर्देश दिए। आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए जेल परिसर में विवाह की व्यवस्था की।
जेल परिसर में सात फेरे
निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्रीय जेल परिसर में मंडप सजाया गया और दोनों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए। कानूनी निगरानी में संपन्न हुई इस शादी के बाद दोनों वैवाहिक बंधन में बंध गए। यह मामला अपने आप में इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अदालत के निर्देश पर जेल परिसर में विवाह की प्रक्रिया पूरी की गई।