VA Tech Wabag Share: शेयर बाजार में गिरावट के माहौल के बावजूद सोमवार को VA Tech Wabag के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर करीब 3 प्रतिशत उछलकर 2,064 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी की मुख्य वजह मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) से मिला एक नया और बड़ा ऑर्डर है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी आधिकारिक जानकारी में बताया कि उसे जामनगर स्थित धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) लगाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत VA Tech Wabag को प्लांट के डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण, सामान की आपूर्ति से लेकर उसे चालू करने तक की पूरी जिम्मेदारी दी गई है। यह प्रोजेक्ट 13 महीनों के भीतर पूरा किया जाना है, जिसमें अत्याधुनिक केमिकल, बायोलॉजिकल और लो-टेम्परेचर स्लज ट्रीटमेंट जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल होगा।
100 से 250 करोड़ रुपए के बीच की डील
कंपनी अपनी कार्यप्रणाली के तहत 100 करोड़ से 250 करोड़ रुपए तक के घरेलू प्रोजेक्ट्स को 'मीडियम' कैटेगरी में रखती है, और यह ऑर्डर भी इसी श्रेणी में आता है। कंपनी ने साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली इकाई में उनके प्रमोटर्स या ग्रुप कंपनियों की कोई हिस्सेदारी नहीं है, इसलिए यह किसी 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' के दायरे में नहीं आता है। इस मौके पर कंपनी के सेल्स एंड मार्केटिंग (इंडिया क्लस्टर) के सीनियर जनरल मैनेजर शिवकुमार वी ने कहा कि रिलायंस जैसे प्रतिष्ठित ग्रुप से बार-बार ऑर्डर मिलना उनकी तकनीकी क्षमताओं और लंबे व्यावसायिक संबंधों पर ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।रेखा झुनझुनवाला और विदेशी निवेशकों का मजबूत भरोसा
VA Tech Wabag में दिग्गजों का निवेश भी निवेशकों के ध्यान खींच रहा है। मशहूर भारतीय निवेशक रेखा झुनझुनवाला के पास चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही तक कंपनी के 50 लाख शेयर यानी करीब 8.02% हिस्सेदारी बनी हुई है, जो पिछली मार्च तिमाही के बराबर ही है। इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भी जून तिमाही के दौरान अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। आंकड़े बताते हैं कि जून के अंत तक FPIs की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 18.26% (1,13,84,797 शेयर) हो चुकी है।
ग्लोबल और घरेलू स्तर पर लगातार मिल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स
VA Tech Wabag को हाल के महीनों में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी मिले हैं। अगस्त महीने में कंपनी ने कुवैत में डिसेलिनेशन प्लांट का एक मेगा प्रोजेक्ट हासिल किया था, जो वहां उनका पहला काम था। वहीं जुलाई में कंपनी को बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड की तरफ से 250 से 600 करोड़ रुपए की 'लार्ज' श्रेणी का बड़ा ऑर्डर मिला था। इसके तहत कंपनी बेंगलुरु के ब्यारामंगला और बेलंदूर में सीवेज व टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट्स के डिजाइन, निर्माण और संचालन का जिम्मा संभाल रही है।

