छत्तीसगढ़ में परिवहन व्यवस्था की सूरत बदलने और इसे पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक नाकेबंदी कर दी है। विभाग की एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त समीक्षा बैठक में परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस प्रकाश ने सख्त लहजे में साफ कर दिया है कि अब दफ्तरों की सुस्ती और सड़कों पर जारी मनमानी का दौर खत्म हो चुका है। नियम तोड़ने वाले चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उनके खिलाफ सीधे आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर की मौजूदगी में हुई इस मैराथन बैठक में राज्य के सभी आरटीओ/डीटीओ (RTO/DTO), प्रवर्तन अमले के अधिकारी, बस संचालक संघ और व्हीकल डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में विभाग को पूरी तरह 'जन-हितैषी' और डिजिटल बनाने के लिए कई युगांतकारी फैसले लिए गए।
दफ्तरों की सुस्ती पर ताला
अधिकारियों का सीधे होगा निलंबन
परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त एस प्रकाश ने समीक्षा बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि ये निर्देश केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। आज से ठीक 15 दिनों के भीतर सभी RTO और DTO को अपने-अपने जिलों में की गई जमीनी कार्रवाई की 'अनुपालन रिपोर्ट' (Compliance Report) सीधे मुख्यालय भेजनी होगी। तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा न करने वाले और ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को सीधे सस्पेंड (निलंबित) किया जाएगा।