अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में नहाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। मामला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पड़ाकछापली का है, जहां 15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद छात्र-छात्राओं को करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध ले जाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद प्रधानाचार्य लाल चंद मीना को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल तैराकी सिखाने के बहाने छात्राओं को बांध पर ले गए और वहां उनके साथ पानी में नहाते नजर आए।
छात्राओं के साथ बांध में नहाने का आरोप
आरोप है कि कुछ छात्राओं को गोद में लेकर नहाया गया और बच्चों को बिना लाइफ जैकेट के पानी में उतारा गया। हालांकि, अभी तक किसी छात्र, छात्रा या अभिभावक की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस और शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद स्कूल के छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते करीब दो किलोमीटर दूर स्थित भड़ाज बांध ले जाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को तैराकी सिखाने और भ्रमण के नाम पर वहां ले जाया गया था।
कार्यक्रम के बाद बच्चों को ले गए बांध
प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ पानी में नहाते हुए वीडियो सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि बांध में बच्चों को पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बिना उतारा गया। कई बच्चों को तैरना भी नहीं आता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस स्थान पर पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं और करीब चार साल से यहां जाने पर पाबंदी बताई जा रही है।प्रिंसिपल को हटाने की उठाई मांग
ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य को पद से हटाने की मांग की है। उनका दावा है कि मौके पर करीब 20 से 25 बड़ी छात्राएं भी मौजूद थीं। प्रधानाचार्य पर 15 अगस्त को शराब पीकर पिकनिक मनाने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए हैं।
टीम करेगी पूरे मामले की जांच
थाना प्रभारी राजकुमार मीणा के मुताबिक, अभी तक किसी छात्र, छात्रा या अभिभावक की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शकुंतला यादव के मुताबिक, छात्राओं, प्रिंसिपल और अभिभावकों से मामले को लेकर जानकारी ली गई है। विभागीय टीम अब पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।