भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सतर्कता विभाग ने सुंदरगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस अधिकारियों ने लठिकाटा में पदस्थ तहसीलदार सह उप-पंजीयक मुरलीधर उर्मल को 5 लाख रुपए की अघोषित नकदी के साथ पकड़ा है। कार्रवाई के बाद विजिलेंस ने नकदी जब्त कर अधिकारी से पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही अधिकारी से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम कहां से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। गुप्त सूचना के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल जानकारी के अनुसार, विजिलेंस विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि तहसीलदार मुरलीधर उर्मल अपने साथ बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकदी लेकर यात्रा कर रहे हैं।
तहसीलदार की कार रोककर तलाशी
सूचना को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस की विशेष टीम को तत्काल कार्रवाई के लिए लगाया गया। टीम ने अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखी और लठिकाटा से राउरकेला जाने वाले मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी। जैसे ही तहसीलदार की कार लठिकाटा से राउरकेला की ओर रवाना हुई, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने रास्ते में वाहन को रोक लिया। इसके बाद अधिकारी और वाहन की जांच की गई। कार की तलाशी में बरामद हुए 5 लाख रुपए विजिलेंस टीम ने वाहन की तलाशी ली तो वहां से कुल 5 लाख रुपए नकद बरामद हुए। अधिकारियों ने तहसीलदार से रकम के स्रोत के संबंध में जानकारी मांगी और यह पूछा कि इतनी बड़ी राशि लेकर वह कहां जा रहे थे।
तीन ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी
इसके बाद विजिलेंस ने पूरी रकम को जब्त कर लिया। अब बरामद नोटों और रकम के स्रोत को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है। नकदी मिलने के बाद तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी 5 लाख रुपए की अघोषित नकदी मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया। टीमों ने अधिकारी से जुड़े तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें उनका आधिकारिक आवास, निजी मकान और कार्यालय शामिल बताए गए हैं। छापेमारी के दौरान विजिलेंस अधिकारी संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।आय-खर्च और संपत्तियों की जांच जारी
अधिकारी की आय और खर्च का तुलनात्मक आकलन किया जाएगा। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हाल के वर्षों में बैंक खातों में कितनी रकम जमा हुई, बड़े लेन-देन कब और किसके साथ किए गए तथा किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से निवेश तो नहीं किया गया। संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आने पर उससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। जमीन-मकान सहित संपत्तियों का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड विजिलेंस की जांच केवल नकदी और बैंक खातों तक सीमित नहीं है।