Vishnu Deo Sai: छत्तीसगढ़ की आर्थिक और औद्योगिक तस्वीर बदलने के लिए आने वाले तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राज्य में विदेशी पूंजी और अत्याधुनिक तकनीक लाने के मकसद से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 3 से 6 अक्टूबर तक सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे भारत-सिंगापुर विकास एवं व्यापार सम्मेलन (India-Singapore Business Summit) में शामिल होकर वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का सीधा न्योता देंगे।
निवेशकों के सामने रखी जाएगी राज्य की मजबूती
इस हाई-प्रोफाइल व्यापारिक सम्मेलन में एशिया और दुनिया भर के कई प्रमुख उद्योगपति व निवेशक जुट रहे हैं। मुख्यमंत्री साय विदेशी मेहमानों के सामने प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को विस्तार से रखेंगे। वे निवेशकों को बताएंगे कि छत्तीसगढ़ क्यों व्यापार और उद्योग लगाने के लिए एक मुफ़ीद जगह है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए अपनी नई औद्योगिक नीति के तहत दिए जा रहे आकर्षक इंसेंटिव (छूट) और रियायतों की जानकारी साझा करेगी। इसके साथ ही प्रदेश में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध खनिज संपदा, 24 घंटे निर्बाध बिजली, पानी की उपलब्धता और किफायती दरों पर औद्योगिक भूमि जैसी बुनियादी ताकतों को भी प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।
पारंपरिक खनन से आगे 'हाइटेक' उद्योगों पर जोर
अब तक छत्तीसगढ़ की पहचान मुख्य रूप से माइनिंग और भारी उद्योगों तक सीमित रही है, लेकिन साय सरकार इस धारणा को बदलने में जुटी है। इस विदेश दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में तकनीक, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में विदेशी पूंजी आकर्षित करना है। इसी रणनीति के तहत सिंगापुर की कई दिग्गज टेक कंपनियों के साथ अलग से विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं, ताकि प्रदेश में आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर शुरू किया जा सके।
वैश्विक CEOs के साथ वन-टू-वन मुलाकात, खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
दौरे की सबसे अहम कड़ी सिंगापुर में स्थित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के साथ मुख्यमंत्री की सीधे (वन-टू-वन) बातचीत होगी। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ में नए प्लांट लगाने, भारतीय कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर (संयुक्त उद्यम) शुरू करने और विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की व्यावहारिक संभावनाओं पर चर्चा होगी। यदि यह दौरा उम्मीद के मुताबिक फलदायी रहता है, तो आने वाले दिनों में प्रदेश में न केवल अरबों रुपये का विदेशी निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी और प्रबंधकीय नौकरियों के ढेरों नए अवसर भी पैदा होंगे।

