क्या है पूरा मामला?
3 घंटे का खेल: क्रेडिट कार्ड और यूपीआई से उड़ाई रकम
पुलिस जांच में पता चला कि यह पूरी ठगी 12 सितंबर की सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच हुई:
बैंक ऑफ इंडिया क्रेडिट कार्ड: ठगों ने सबसे पहले तनुज के क्रेडिट कार्ड को निशाना बनाया और उससे ₹69,998.97 निकाल लिए।
यूनियन बैंक चालू खाता: इसके तुरंत बाद यूनियन बैंक के करंट अकाउंट पर यूपीआई के जरिए ₹3,45,530.95 का ट्रांजैक्शन कर लिया गया।
कुल नुकसान: महज 3 घंटे के भीतर कारोबारी के खातों से कुल ₹4,15,529.92 गायब कर दिए गए।
जब पीड़ित के मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने के मैसेज लगातार आने लगे, तब जाकर उन्हें इस ठगी का अहसास हुआ।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
तनुज अग्रवाल ने घटना के तुरंत बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने में औपचारिक लिखित रिपोर्ट सौंपी गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। फिलहाल साइबर एक्सपर्ट्स उस संदिग्ध APK फाइल की जांच कर रहे हैं, जिससे फोन हैक हुआ था। साथ ही जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनका ट्रेल ट्रैक किया जा रहा है।साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की सलाह: कैसे बचें ऐसी ठगी से?
शहर में बढ़ती साइबर वारदातों को देखते हुए पुलिस ने आम लोगों के लिए चेतावनी जारी की है:
ऑटो-डाउनलोड बंद रखें: व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर Media auto-download का ऑप्शन तुरंत डिसेबल (Off) करें।
APK फाइल पर भूलकर भी क्लिक न करें: अनजान नंबरों से अक्सर बिजली बिल, केवाईसी अपडेट, लॉटरी या जॉब के नाम पर APK फाइलें भेजी जाती हैं। इन्हें कभी डाउनलोड न करें।
तुरंत करें शिकायत: अगर गलती से ऐसी कोई फाइल डाउनलोड हो जाए, तो तुरंत फोन को फ्लाइट मोड में डालें, अपने बैंक को सूचित कर कार्ड/खाता ब्लॉक कराएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

