Friday, 06 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG News: धनतेरस पर हाईटेंशन तार की चपेट में आया परिवार, पिता-पुत्र की मौत, मां गंभीर Crime News: जगदलपुर में युवती की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, मोबाइल चैट गायब होने से उठे नए सवाल Illegal Gambling: बस्तर के जंगल में पुलिस की रेड, मुर्गा लड़ाई की आड़ में जुआ खेल रहे 156 लोग पकड़े गए Patna Encounter: गंगा किनारे पुलिस-अपराधियों के बीच 40 राउंड फायरिंग, 3 बदमाश ढेर, एसएचओ घायल Raigarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, विजय ट्रेडर्स से 4 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए Raigarh News: पतरापाली में सड़क किनारे पटाखे बेच रहे दुकानदार पर कार्रवाई, स्टॉक जब्त CG News: धनतेरस पर हाईटेंशन तार की चपेट में आया परिवार, पिता-पुत्र की मौत, मां गंभीर Crime News: जगदलपुर में युवती की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, मोबाइल चैट गायब होने से उठे नए सवाल Illegal Gambling: बस्तर के जंगल में पुलिस की रेड, मुर्गा लड़ाई की आड़ में जुआ खेल रहे 156 लोग पकड़े गए Patna Encounter: गंगा किनारे पुलिस-अपराधियों के बीच 40 राउंड फायरिंग, 3 बदमाश ढेर, एसएचओ घायल Raigarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, विजय ट्रेडर्स से 4 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए Raigarh News: पतरापाली में सड़क किनारे पटाखे बेच रहे दुकानदार पर कार्रवाई, स्टॉक जब्त
W 𝕏 f
होम › कांकेर (उत्तर बस्तर) › मलेरिया का कहर : मलेरिया ने छीनी एक और छात्र की ज…
कांकेर छात्रावास में मलेरिया से छात्र की मौत
कांकेर छात्रावास में मलेरिया से छात्र की मौत
कांकेर (उत्तर बस्तर)

मलेरिया का कहर : मलेरिया ने छीनी एक और छात्र की जिंदगी, कांकेर के आश्रम में हड़कंप

मरदापोटी बालक आवासीय आश्रम के एक आदिवासी छात्र की मलेरिया से इलाज के दौरान मौत हो गई। यह 10 दिनों के भीतर मलेरिया से दूसरे छात्र की मौत है। घटना के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग और छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं आश्रम के दो अन्य छात्र भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 26 Jul 2026, 06:21 PM · अपडेट: 22 Oct 2026, 06:36 PM
कांकेर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

आदिम जाति कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिले में महज 10 दिनों के भीतर दूसरे आदिवासी छात्र की मलेरिया से मौत होने से छात्रावासों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। मृतक छात्र मरदापोटी बालक आवासीय आश्रम का निवासी था और वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा था। छात्र की मौत के बाद परिजनों, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ गई है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने आदिवासी छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।जानकारी के अनुसार, छात्र की 24 जुलाई को मलेरिया जांच कराई गई थी, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद आश्रम प्रबंधन द्वारा उसे निर्धारित मलेरिया रोधी दवाओं की डोज दी गई। 

पॉजिटिव आने के बाद शुरू हुआ इलाज

हालांकि इलाज के बावजूद उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और कुछ ही समय बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल कांकेर के मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने समय पर इलाज और स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

10 दिन में दूसरी मौत से बढ़ी चिंता

जिले में 10 दिनों के भीतर मलेरिया से दो आदिवासी छात्रों की मौत होना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों से यह आशंका भी जताई जा रही है कि छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण और संक्रमण की रोकथाम के उपाय पर्याप्त नहीं हैं। यदि नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर स्क्रीनिंग और प्रभावी निगरानी होती, तो शायद इन घटनाओं को रोका जा सकता था। अब अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने छात्रावासों की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग तेज कर दी है।

दो अन्य छात्र भी अस्पताल में भर्ती

बताया जा रहा है कि मरदापोटी बालक आवासीय आश्रम के दो अन्य छात्र भी वर्तमान में बीमार हैं और उनका इलाज कांकेर के मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में जारी है। इन घटनाओं के बाद पूरे आश्रम परिसर और जिले के अन्य छात्रावासों में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाने की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को सभी छात्रावासों में विशेष मलेरिया जांच शिविर, नियमित मेडिकल परीक्षण, साफ-सफाई और दवा वितरण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें