"स्वास्थ्य" के लिए 1378 परिणाम मिले
बलौदाबाजार के रिसदा से सुशासन तिहार की शुरुआत, शिविर में 47% आवेदनों का मौके पर समाधान
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा से ‘सुशासन तिहार’ अभियान की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाना है। शिविर में 573 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें लगभग 47% का तत्काल निपटारा किया गया। शेष मामलों के लिए समय-सीमा तय की गई। इस पहल में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर एक ही जगह पर योजनाओं का लाभ दिया गया, जैसे हेलमेट वितरण, आयुष्मान कार्ड, डिजिटल एक्स-रे और कौशल विकास प्रमाण पत्र।
सेहत
सलाह : गर्मी में सही व सेहतमंद खानपान और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन सबसे अहम
गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर तेजी से पानी और जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) खो देता है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं है; सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इससे बचाव के लिए नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और ORS जैसे पेय फायदेमंद हैं। तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल शरीर को ठंडा रखते हैं।
श्रमिक दिवस : आपातकालीन मॉकड्रिल का सफल आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था का किया गया सशक्त प्रदर्शन
श्रमिक दिवस के अवसर पर महासमुंद स्थित पिक्काडिली एग्रो इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के निर्देश पर मॉकड्रिल आयोजित की गई। इसमें आग जैसी आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास किया गया, जिसमें फायर टीम, बचाव दल, मेडिकल टीम और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। पीपीई उपकरणों के उपयोग सहित सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया गया। विभाग ने नियमित मॉकड्रिल और सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़
दो हृदयविदारक घटनाएं : अलग-अलग घटनाओं में DSP के युवा पुत्र और ग्रामीण ने लगाया मौत को गले
यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। भिलाई में कम समय के भीतर दो अलग-अलग आत्महत्या के मामले सामने आना कई सवाल खड़े करता है—खासकर तब, जब दोनों मामलों में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और कारण स्पष्ट नहीं हैं। पहले मामले में 20 वर्षीय छात्र आयुष झारिया की मौत खास तौर पर झकझोरने वाली है। परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे, और वह अकेला था—ऐसी परिस्थितियों में क्या मानसिक स्थिति रही होगी, यह जांच का विषय है। पुलिस द्वारा मोबाइल, कमरे और निजी गतिविधियों की जांच से कुछ संकेत मिल सकते हैं, जैसे पढ़ाई का दबाव, व्यक्तिगत तनाव, या कोई अन्य छिपी हुई परेशानी।
सेहत
औचक निरीक्षण : जिला अस्पताल कीअव्यवस्थाओं पर कांग्रेस ने उठाएं गंभीर सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला और पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। निरीक्षण में पेयजल व्यवस्था, वेस्टर्न टॉयलेट, दवाओं की कमी, सोनोग्राफी सेवा बंद होना और सीटी स्कैन मशीन न होने जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके अलावा एम्बुलेंस के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया और अस्पताल प्रबंधन पर संसाधनों के गलत उपयोग का सवाल उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने तत्काल सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द सुधार न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
एडिप योजना एवं सीएसआर के तहत दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण शिविरों में 130 हितग्राही चिन्हांकित
एडिप योजना और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) के CSR सहयोग से एलिम्को, जबलपुर द्वारा जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय में महासमुंद जिले के विभिन्न विकासखण्डों में दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु चिन्हांकन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किए गए।
छत्तीसगढ़
मौसम का यू-टर्न : भीषण लू के बीच बारिश और ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने जारी किया 5 दिनों का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली। गुरुवार को दोपहर बाद कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आई और लोगों को राहत मिली। हालांकि, जशपुर में तेज हवाओं से पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं। अगले 48 घंटों में तापमान 1–2°C तक गिर सकता है और 5 दिनों तक मौसम अनिश्चित रहेगा। ‘येलो अलर्ट’ के तहत तेज हवाएं (40–50 किमी/घंटा), बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़
मानवता शर्मसार : दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म, 3 युवक गिरफ्तार और 3 नाबालिग हिरासत में
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में 24 अप्रैल को दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों (13 और 15 वर्ष) के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात हुई। लड़कियां एक शादी समारोह से लौट रही थीं, तभी आरोपियों ने उन्हें अगवा कर सुनसान जगह पर उनके साथ दरिंदगी की।
छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी वरदान, 3.5 महीनों में 2035 ग्रामीणों को मिला घर के पास इलाज
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 15 जनवरी 2026 से शुरू हुई इस सेवा ने पिछले साढ़े तीन महीनों में लगभग 2035 लोगों को उनके ही गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इस चलते-फिरते अस्पताल में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्स की टीम बीपी, शुगर, मलेरिया और हीमोग्लोबिन जैसी जांचें मौके पर ही करती है और मुफ्त दवाइयां भी देती है। पहले जहां ग्रामीणों को इलाज के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, अब उन्हें गांव में ही सुविधा मिल रही है।
श्रमिकों के लिए खुला खजाना : बजट में 256 करोड़ का प्रावधान, आवास और ई-रिक्शा सहायता राशि में भारी बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। पिछले 2 साल 4 माह में लगभग 800 करोड़ रुपये DBT के माध्यम से श्रमिकों के खातों में भेजे गए हैं। श्रमिक बच्चों की शिक्षा के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। सरकार कई अन्य योजनाएं जैसे छात्रवृत्ति, औजार किट, मेधावी प्रोत्साहन और श्रम अन्न योजना भी चला रही है।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।
विष्णु देव साय ने श्रमिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर, ई-श्रम साथी ऐप लॉन्च
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में लखन देवांगन भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नई श्रम संहिताओं के बेहतर क्रियान्वयन, श्रमिकों की सुरक्षा, औचक निरीक्षण और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। इस दौरान “ई-श्रम साथी” मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया, जिससे श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी मिल सके।