"शिक्षा व्यवस्था" के लिए 128 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
मिशन उत्कर्ष 2.0 के तहत कक्षा 10वीं शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, शिक्षा गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप “मिशन उत्कर्ष 2.0” के तहत कक्षा 10वीं के शिक्षकों का पांच दिवसीय विषयवार प्रशिक्षण 16 से 21 अप्रैल तक रायपुर के जे.आर. दानी शासकीय विद्यालय में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत विषयों के शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण, प्रश्नपत्र निर्माण, कठिन विषयों को सरल बनाने की तकनीक तथा कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। सभी विषयों में आधुनिक, गतिविधि आधारित एवं नवाचारयुक्त शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई। शिक्षकों ने अनुभव साझा करते हुए इन तकनीकों को कक्षा में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
छत्तीसगढ़
स्कूल मामला गरमाया: बंदी आदेश के बाद भी चल रहा निजी स्कूल, एडमिशन प्रचार से बढ़ा विवाद
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के बिजेमाल क्षेत्र में स्थित “ए.के. स्मार्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल” को जिला कलेक्टर द्वारा बिना मान्यता के चलते बंद करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि आदेश के बावजूद स्कूल का संचालन और एडमिशन प्रचार जारी है। सोशल मीडिया पर नए सत्र के लिए प्रवेश, फीस छूट और अन्य सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम को अनियमितताएं मिलीं और मौके पर जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। आरटीआई कार्यकर्ता ने शिक्षा विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
छत्तीसगढ़
शिक्षक भर्ती का बड़ा मौका : 2292 पदों पर होगी नियुक्ति, अक्टूबर में संभावित परीक्षा
छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह सुनहरा मौका है। विज्ञापन जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, ऐसे में अभ्यर्थियों को अभी से तैयारी में जुट जाना चाहिए।
देश
बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने छीनी घर की खुशियां, फेल होने के गम में 12वीं के छात्र ने गंवाई जान
मुरैना जिले के अंबाह क्षेत्र में रहने वाले 20 वर्षीय छात्र ऋतिक दंडोतिया ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सभी विषयों में फेल होने के कारण मानसिक तनाव में आकर जान दे दी। ऋतिक के पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। घटना के दिन ऋतिक अपनी स्कूटी से कोतवाल डैम पहुँचा था, जहाँ बाद में उसका शव बरामद हुआ। माताबसैया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। इस घटना ने युवाओं पर परीक्षा के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
बीईओ के खिलाफ शिक्षकों का बिगुल : 15 अप्रैल को घेराव, नहीं मानी मांगें तो आमरण अनशन
महासमुंद में बीईओ की कार्यप्रणाली से नाराज शिक्षक संगठनों ने ‘सर्व शिक्षक मंच’ बनाकर आंदोलन का ऐलान किया है। 15 अप्रैल को बीईओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो 27 अप्रैल से आमरण अनशन और आगे मुख्यमंत्री निवास तक पदयात्रा होगी। शिक्षकों ने बीईओ पर जांच में देरी, वित्तीय अनियमितता और समस्याओं की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब मंत्रोच्चार से होगी पढ़ाई की शुरुआत, 16 जून से लागू होगी नई व्यवस्था
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में 16 जून से नई व्यवस्था लागू होगी, जिसमें छात्रों को प्रतिदिन पांच मंत्रों का पाठ करना अनिवार्य होगा। राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के साथ शुरू होने वाली प्रार्थना सभा में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, वहीं पढ़ाई में AI जैसे आधुनिक विषय भी शामिल किए जाएंगे।
निजी स्कूलों की मनमानी पर CM साय सख्त : बोले- नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाया है। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, वहीं शिक्षा मंत्री ने भी अधिकारियों को जांच और नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़
AI शिक्षा से बदलेगा छत्तीसगढ़ : 2 लाख शिक्षकों को मिलेगा ट्रेनिंग, रायपुर से शुरू होगा बड़ा अभियान
छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘AI सक्षम शिक्षा अभियान’ की शुरुआत रायपुर से करने की घोषणा की है। गूगल इंडिया के सहयोग से शुरू इस पहल के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन दिया जाएगा। पहले चरण में 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा और बाद में इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाया जा सके।