"आर्थिक सहायता" के लिए 180 परिणाम मिले
सुशासन तिहार : लेमरू पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जनसमस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की दी सौगात
विष्णु देव साय ने लेमरू में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में कहा कि सरकार जनता की सेवा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए गांव-गांव पहुंच रही है। 1 मई से 10 जून तक चल रहे इस अभियान के तहत योजनाओं की समीक्षा और आम लोगों से सीधा संवाद किया जा रहा है। शिविर में महिलाओं, किसानों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास और तेंदूपत्ता संग्रहण दर वृद्धि प्रमुख हैं। लखनलाल देवांगन और ओ.पी. चौधरी ने सरकार की उपलब्धियों और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने लेमरू क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की तथा मेधावी विद्यार्थियों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता वितरित की।
सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री का अनोखा अंदाज, पीपल पेड़ के नीचे ग्रामीणों संग चौपाल
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण कर ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। पीपल पेड़ की छांव तले खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे संवाद किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए और कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार का साथ : आंगनबाड़ी के सहयोग से सुरक्षित मातृत्व की मिसाल बनी बीजापुर की निशा
बीजापुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। चांदनी चौक आंगनबाड़ी केंद्र की हितग्राही निशा पटेल को गर्भावस्था के दौरान समय पर पंजीयन, पोषण संबंधी मार्गदर्शन, नियमित स्वास्थ्य जांच और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग और संतुलित आहार के कारण निशा ने 11 अक्टूबर 2025 को 3.200 किलोग्राम वजन वाले स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
रायपुर
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आरंग में 16 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
आरंग के टाउन हॉल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 16 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच सभी जोड़ों ने सात फेरे लिए। कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
संघर्ष से आत्मनिर्भरता : सुशासन तिहार में दिव्यांग जीवन लाल साहू को मिला नया जीवन
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ में दिव्यांग जीवन लाल साहू को बड़ी राहत मिली। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वे वर्षों से संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे थे और घुटनों के बल चलने को मजबूर थे। शिविर में उन्होंने समाज कल्याण विभाग को आवेदन दिया, जिस पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही निशुल्क ट्राइसाइकिल प्रदान की। इसके साथ ही उन्हें दिव्यांग पेंशन और राशन योजना का भी लाभ मिल रहा है।
सामूहिक विवाह : जशपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 65 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कुल 65 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। बगीचा, कांसाबेल और बागबहार परियोजना क्षेत्रों में हिंदू और ईसाई समुदाय के जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। बगीचा में एक दिव्यांग (मूकबधिर) जोड़े का विवाह विशेष आकर्षण रहा।
दुर्ग
सहकारी बैंक : दुर्ग बैंक ने 207 करोड़ का ऋण बांटा, पिछले साल से 72 करोड़ ज्यादा वितरण
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग ने खरीफ 2026 में किसानों को राहत देते हुए अब तक 32,558 किसानों को 207 करोड़ रुपए से अधिक का नगद ऋण वितरित किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 72 करोड़ 45 लाख रुपए ज्यादा है। सबसे अधिक ऋण वितरण बालोद जिले में हुआ, जहां 16,901 किसानों को 86.90 करोड़ रुपए मिले। बेमेतरा में 80.23 करोड़ और दुर्ग जिले में 39.87 करोड़ रुपए का ऋण बांटा गया।
आर्थिक संबल : असंगठित कर्मकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करना है। महासमुंद जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हजारों हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से करोड़ों रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। विभिन्न योजनाओं जैसे मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, महतारी जतन, साइकिल, औजार, शिक्षा, छात्रवृत्ति और सुरक्षा उपकरण योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों और उनके बच्चों को लाभ मिला है। साथ ही पंजीयन एवं नवीनीकरण अभियान के माध्यम से नए श्रमिकों को भी योजनाओं से जोड़ा गया है।
छत्तीसगढ़
महिलाओं को सौगात : जमीन रजिस्ट्री पर 50% छूट, संपत्ति में बढ़ेगा महिला स्वामित्व
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50% की छूट देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की पहल और वित्त मंत्री O. P. Choudhary के नेतृत्व में लागू इस योजना का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
सिल्क समग्र 2 योजना से रेशम उत्पादन को बढ़ावा, 21 किसानों को मिला लाभ
महासमुंद जिले में केंद्र प्रायोजित सिल्क समग्र 2 योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। योजना के तहत अब तक 21 किसानों का चयन कर शहतूत पौधरोपण कराया गया है। यह योजना 5 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे एवं सीमांत किसानों को रेशम उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय का अवसर देती है, जिसमें प्रति वर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय संभव है। किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, कृमि पालन गृह निर्माण और उपकरणों के लिए कुल 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी शामिल है।
महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ की महिलाओं को 27वीं किस्त का इंतजार, जानें कब आएगा पैसा और कैसे देखें स्टेटस
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता DBT के जरिए दी जाती है। अब तक 26 किस्तें जारी हो चुकी हैं और लगभग 68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। 27वीं किस्त की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले पैटर्न के अनुसार इसके मई 2026 के पहले सप्ताह (1–10 मई के बीच) जारी होने की संभावना है।