"आत्मनिर्भरता" के लिए 209 परिणाम मिले
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
विदेश
भारत : चीनी नीति से नेपाल परेशान, बाजार में कमी और महंगाई की आशंका
भारत ने घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 30 सितंबर तक चीनी निर्यात पर रोक लगा दी है। इस फैसले से नेपाल में त्योहारों से पहले चीनी की कमी और महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हर्बल उत्पाद : छत्तीसगढ़ की 55 हजार महिलाएं वन धन केंद्रों से जुड़कर बनीं आर्थिक रूप से मजबूत
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन केंद्रों से करीब 55 हजार महिलाएं जुड़कर लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण और हर्बल उत्पाद निर्माण के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। पिछले पांच वर्षों में महिलाओं को करोड़ों रुपये का कमीशन और लाभांश प्राप्त हुआ है।
संपादकीय
साइकिल में सरकार : देश को दिखावटी नहीं ईमानदार पहल की जरूरत
देश में आर्थिक दबावों के बीच ईंधन बचाने, सादगी अपनाने और अनावश्यक खर्च कम करने जैसे संदेश लगातार दिए जा रहे हैं। नेता और अधिकारी साइकिल चलाकर प्रतीकात्मक रूप से बचत और संयम का संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब उनके पीछे सुरक्षा और वाहनों का लंबा काफिला चलता है, तब यह दृश्य जनता के मन में कई सवाल भी खड़े करता है। कलमकार ने अपने इस विचारोत्तेजक लेख के माध्यम से इसी विरोधाभास को केंद्र में रखकर लिखते हैं कि अर्थव्यवस्था प्रतीकात्मक उपायों से नहीं सुधरती, ठोस नीतियों, उत्पादन, रोजगार और पारदर्शिता से मजबूत होती है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत : पीएलएफएस 2025 में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, बेरोजगारी घटी
पीएलएफएस 2025 के अनुसार छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर घटकर 2.3% हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। यह सुधार राज्य की मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि-आधारित गतिविधियों, वनोपज खरीदी, स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं का परिणाम माना जा रहा है। नई औद्योगिक नीति और बढ़ते निवेश से रोजगार के नए अवसर भी बने
अन्य
ड्रैगन बनाम ईगल : ट्रंप की चीन यात्रा में इस बार किसके हाथ होगी वैश्विक व्यापार की कमान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की आगामी चीन यात्रा एक औपचारिक कूटनीतिक दौरा नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन की नई परीक्षा मानी जा रही है। करीब एक दशक बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की यह पहली चीन यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ ट्रंप की मुलाकात इस सवाल का जवाब तलाशेगी कि क्या दोनों देश व्यापार युद्ध को स्थायी समझौते में बदल पाएंगे या फिर दुनिया एक नए आर्थिक शीत युद्ध की ओर बढ़ेगी।
सफलता के लिए मेहनत : विद्यार्थियों की भविष्य की आकांक्षाओं पर मुख्यमंत्री की सराहना
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या और भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना तथा उन्हें मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और सफलता के लिए नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी हैं। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और समर्पण से आगे बढ़कर सफलता हासिल की जा सकती है।
देश
भारत-ओमान गैस पाइपलाइन : 5 अरब डॉलर का मेगा एनर्जी प्रोजेक्ट क्यों है अहम
ओमान–भारत डीप वॉटर पाइपलाइन प्रोजेक्टt (OIDMPP) ओमान से भारत तक प्रस्तावित 1600 KM गहरे समुद्र की गैस पाइपलाइन है, जिसका उद्देश्य सीधे और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति देना है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह बन चुकी होती तो भारत की निर्भरता Strait of Hormuz जैसे समुद्री मार्गों पर काफी कम हो जाती। यह प्रोजेक्ट ऊर्जा सुरक्षा और लागत नियंत्रण के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, लेकिन अभी यह केवल प्रस्ताव स्तर पर है।
राजस्थान सीमा : तेजस Mk1A की तैनाती से मजबूत होगी भारत की वायु शक्ति, पश्चिमी मोर्चे पर बढ़ेगी एयरफोर्स की ताकत
भारतीय वायुसेना राजस्थान के नाल और फलोदी एयरबेस पर स्वदेशी तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों के चार स्क्वाड्रन तैनात करने की तैयारी कर रही है। पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण यह तैनाती पश्चिमी मोर्चे पर भारत की त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा क्षमता को मजबूत करेगी। तेजस Mk1A आधुनिक AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, BVR मिसाइल और हवा में ईंधन भरने जैसी अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस है। इस कदम को भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
देश
1200 सेकंड दहाड़ : भारत का ‘सुपर इंजन’, हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी में DRDO की ऐतिहासिक सफलता
भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है। स्वदेशी विकसित एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर “सुपर इंजन” ने 1200 सेकंड तक सफलतापूर्वक काम किया। इस उपलब्धि को भारत की रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर सैन्य क्षमता के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली विकसित करने का रास्ता मजबूत होगा।
देश
हिंद महासागर में ‘अग्नि’ की गर्जना : भारत ने MIRV तकनीक से लैस मिसाइल का सफल परीक्षण कर दिखाई ताकत
भारत ने रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया, जिसमें मिसाइल ने हिंद महासागर क्षेत्र में कई लक्ष्यों को एक साथ सटीकता से भेदा। इस सफलता से भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमता और मजबूत हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर DRDO और सेना को बधाई दी और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
संपादकीय
डॉ. नीरज गजेंद्र : सूर्यवंशम से शादी में जरूर आना तक त्याग, सफलता और बदलते रिश्ते की कहानी
गोंडा की एक सच्ची घटना इन दिनों चर्चा में है, जहां एक मजदूर पति ने अपनी पत्नी को एएनएम बनाने के लिए मजदूरी की, मवेशी और फसल तक बेच दी, लेकिन नौकरी लगने के बाद पत्नी ने साथ रहने से इनकार कर दिया। यह घटना बदलते रिश्तों और समाज की सोच पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। लेख में इस घटना की तुलना “सूर्यवंशम” और “शादी में जरूर आना” जैसी फिल्मों से करते हुए बताया गया है कि सफलता के बाद रिश्तों में सम्मान और संवेदनशीलता बची रहना कितना जरूरी है।