"आत्मनिर्भरता" के लिए 209 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
बस्तर की नई वैश्विक पहचान : जंगल के छिंद बीजों से तैयार हुई कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी, कचरे से कंचन की अनोखी मिसाल
दंतेवाड़ा के युवा उद्यमी विशाल हालदार ने बस्तर के जंगलों में बेकार माने जाने वाले छिंद (खजूर प्रजाति) के बीजों से कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी विकसित कर अनोखा नवाचार किया है। यह कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक है, जो अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और एसिडिटी के मरीजों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी इसे सराहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि बस्तर में ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं भी खोल रहा है।
रायपुर
महतारी वंदन योजना : मिहलाओं को 27वीं किस्त सीधे उनके खातों में
छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त जारी कर दी है, जिसके तहत राज्य की 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 642 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में सुशासन तिहार के दौरान इस किस्त का शुभारंभ किया। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है। लाभार्थी महिलाएं एसएमएस अलर्ट, आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपने भुगतान की स्थिति चेक कर सकती हैं। साथ ही सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया है, जिसकी प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी, ताकि भविष्य में सहायता राशि बिना किसी बाधा के मिलती रहे।
अंधेरे से उजाले तक : पीएम आवास और मनरेगा ने दी दृष्टिबाधित दंपति को नई जिंदगी
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के गोविंदपुर गांव के दृष्टिबाधित दंपति कृष्णा पहाड़ी कोरवा और अनिता की जिंदगी सरकारी योजनाओं की मदद से पूरी तरह बदल गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और जनमन योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला, जिसकी चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रजत जयंती समारोह में सौंपी। मनरेगा के तहत उन्हें नियमित रोजगार मिला, जिससे वे आत्मनिर्भर बने। इसके अलावा अंत्योदय अन्न योजना, आयुष्मान भारत और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं ने उन्हें आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की। यह कहानी सुशासन और सरकारी योजनाओं के प्रभाव से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।
संघर्ष से स्वावलंबन तक : भीमा मारकंडे को ट्राइसाइकिल ने दी नई उड़ान
भीमा मारकंडे, राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम हरदी के निवासी हैं, जो एक दुर्घटना में गंभीर रूप से दिव्यांग हो गए थे। 80% दिव्यांगता के बावजूद वे अपने परिवार, खासकर दो छोटी बेटियों की जिम्मेदारी निभा रहे थे। हाल ही में समाज कल्याण विभाग की पहल से उन्हें बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनकी आवाजाही और आत्मनिर्भरता की राह आसान हो गई है। यह सहायता उन्हें सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान मिली। अब भीमा रोजगार के अवसरों की तलाश में बिना किसी सहारे के आ-जा सकेंगे और अपने जीवन को फिर से मजबूती से आगे बढ़ा सकेंगे।
आत्मीय दौरा : सीएम साय ग्रामीण के निमंत्रण पर पहुंचे, गृह प्रवेश को बनाया यादगार, नरेंद्र मोदी की योजना से साकार हुआ सपनों का घर
कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक ग्रामीण मोहन मरावी के सादे निमंत्रण को स्वीकार कर उनके नए घर के गृह प्रवेश समारोह में भाग लिया। उन्होंने पूजा-अर्चना कर परिवार के साथ आत्मीय समय बिताया, जिससे गांव में उत्साह और भावनात्मक माहौल बना। मोहन मरावी ने बताया कि उनका पक्का घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता और अपनी मेहनत से बना है, जिसे लेकर मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की। बातचीत के दौरान नरेंद्र मोदी की योजना के प्रभाव का भी उल्लेख हुआ।
छत्तीसगढ़
दिव्यांगजनों हेतु निःशुल्क सहायक उपकरण मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविर का सफल आयोजन
बागबाहरा जनपद पंचायत सभागार में 29 अप्रैल 2026 को एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीएसआर) और एलिम्को, जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था।
बगिया एम-कैड सिंचाई परियोजना का शुभारंभ, जशपुर बनेगा आधुनिक कृषि मॉडल जिला
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगिया गांव में एम-कैड योजना के तहत दाबित उद्वहन सिंचाई परियोजना का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य आधुनिक पाइप आधारित सिंचाई प्रणाली के माध्यम से जल की बचत, बेहतर उपयोग और किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ में 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सीधे खातों में ट्रांसफर
छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8.01 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया और धान के बजाय दलहन, तिलहन, मिलेट्स जैसी कम पानी वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी।
धर्म
बुद्ध पूर्णिमा : जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण का पावन संगम
Buddha Purnima वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला एक प्रमुख बौद्ध पर्व है, जिसमें गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं का स्मरण किया जाता है। बौद्ध ग्रंथों, विशेषकर Tripitaka और Sutta Pitaka में बुद्ध के जीवन, उपदेशों और अंतिम समय का विस्तृत वर्णन मिलता है। इनमें उनके संदेश—करुणा, अहिंसा, मध्यम मार्ग और आत्मनिर्भरता—को विशेष महत्व दिया गया है। यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, दान, ध्यान और सद्कर्मों के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देता है। बुद्ध की शिक्षाएँ आज भी जीवन में शांति और संतुलन का मार्ग दिखाती हैं।
छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र, पेंशन, वृद्धाश्रम और तीर्थ यात्रा योजनाओं से मिल रहा सम्मानजनक जीवन
छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों के लिए समग्र सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर रही है। राज्य में वृद्धाश्रम, पैलिएटिव केयर, वृद्धावस्था पेंशन, सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा जैसी योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सहायता दी जा रही है। प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए आधार आधारित सीधे लाभ सुनिश्चित किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है।
बदली जिंदगी : बैंक से डरने वाली सकीना बनी आत्मनिर्भर उद्यमी, रोज़ 6-7 हजार की कमाई
छत्तीसगढ़ की “बिहान” योजना (SRLM) के तहत डाड़गांव की सकीना की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले बैंक जाने से घबराने वाली सकीना अब स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बन गई हैं। डीएमएफ से मिली सीमेंट मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स तथा 60,000 रुपये के ऋण से उन्होंने निर्माण कार्यों में अपना व्यवसाय शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 6,000–7,000 रुपये की आय हो रही है।
भाजपा
मन की बात : प्रधानमंत्री मोदी ने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार, कलपक्कम की सफलता पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में भारत की वैज्ञानिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को देश के विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति का महत्वपूर्ण आधार बताया। तमिलनाडु के Kalpakkam स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल करने को एक बड़ी उपलब्धि बताया गया, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को नई दिशा मिली है। ब्रीडर रिएक्टर की खासियत है कि यह बिजली उत्पादन के साथ-साथ भविष्य के लिए नया ईंधन भी तैयार करता है।