"ग्राम पंचायत" के लिए 449 परिणाम मिले
राष्ट्रीय
आजादी के दशकों बाद भी पालकी के सहारे अस्पताल पहुंचने को मजबूर ग्रामीण, सोहावल खुर्द से विकास के दावों की खुली पोल
रीवा जिले के जवा जनपद की सोहावल खुर्द ग्राम पंचायत के गढ़ुआई टोला से सामने आया वीडियो प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। वायरल वीडियो में ग्रामीण 12 वर्षीय बीमार बच्चे को कपड़े की पालकी में उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क दलदल में बदल जाती है और वर्षों से पक्की सड़क की मांग के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
महासमुंद
पिथौरा में दिव्यांगजन को मिला सहारा, संतुराम ध्रुव को प्रदान की गई ट्रायसाइकिल
पिथौरा जनपद पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम गड़बेड़ा निवासी दिव्यांग संतुराम ध्रुव को ट्रायसाइकिल सहायक उपकरण प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन की योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
राज्य सरकार
सिरपुर विकास योजना : 2041 को लेकर सांसद की अध्यक्षता में हुई प्रारंभिक बैठक, 34 गांवों के विकास पर मंथन
सिरपुर विकास योजना प्रारूप 2041 को लेकर सांसद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। योजना में सिरपुर सहित 34 गांव और आरक्षित वन क्षेत्र शामिल हैं। बैठक में पर्यटन, सड़क, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े सुझावों पर चर्चा की गई।
गरियाबंद
मंजूरी के बाद भी नहीं बदली तस्वीर, गरियाबंद में विकास कार्यों पर उठे सवाल
आदिवासी अंचलों में विकास योजनाओं के बावजूद जमीनी समस्याएं बनी हुई हैं। मैनपुर क्षेत्र में झोपड़ी में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है, जबकि कई केंद्र अब भी जुगाड़ व्यवस्था पर निर्भर हैं। वहीं सड़क बनने के बाद भी पुल नहीं होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को बारिश में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार
धमतरी के भोथापारा में जल संरक्षण और मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवार बने आत्मनिर्भर
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के भोथापारा गांव में आजीविका डबरी योजना ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी है। वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधा और मत्स्य पालन के जरिए परिवारों की आय बढ़ी और पलायन पर रोक लगी।
कबीरधाम
35 बैगा परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर, ग्रामीणों ने उठाई स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग
कवर्धा जिले के बेलापानी गांव में बैगा जनजाति के करीब 35 परिवार दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और उपमुख्यमंत्री तक समस्या पहुंचाई, लेकिन अब तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है। उन्होंने जल्द हैंडपंप लगाने और साफ पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।
महासमुंद
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, किशनपुर सचिव पर उठे सवाल
पिथौरा क्षेत्र में पंचायत सचिव पर कथित कमीशन मांगने के आरोपों को लेकर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत, पंचायत कार्यों की जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
महासमुंद
पीएम जनमन योजना से बदली कुमारी बाई की जिंदगी, मिला सपनों का आशियाना
महासमुंद के रामपुर गांव की कुमारी बाई कमार को पीएम जनमन आवास योजना के तहत पक्का मकान मिला है। पति के निधन के बाद संघर्ष भरा जीवन जी रही कुमारी बाई अब अपने दो बच्चों के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन बिता रही हैं।
राज्य सरकार
जल संरक्षण से आत्मनिर्भर बना कालामांजल, 250 से अधिक लोगों को मिला रोजगार
सूरजपुर जिले के कालामांजल गांव में जल संरक्षण कार्यों से बड़ा बदलाव आया है। कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम के निर्माण से बारिश का पानी सहेजा गया, जल स्रोत सालभर उपलब्ध हुए और खेती, मत्स्य पालन व ग्रामीण रोजगार के नए अवसर बढ़े।
रायपुर संभाग
आंगनबाड़ी बना प्रेरणा केंद्र : हर घर मूनगा अभियान को मिला ग्रामीणों का साथ
परसकोल गांव में हर घर मूनगा अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में सहजन के पौधे लगाए गए। जनपद सदस्य प्रीतम साहू ने मूनगा के पोषण और स्वास्थ्य लाभ बताते हुए ग्रामीणों से घर-घर पौधरोपण व संरक्षण की अपील की।
राज्य सरकार
छत्तीसगढ़ में बनेंगे 1460 गौधाम, बेसहारा पशुओं को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
छत्तीसगढ़ सरकार ने घुमंतू और निराश्रित पशुओं के संरक्षण के लिए गौधाम योजना शुरू की है। इसके तहत प्रदेशभर में 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे। अब तक 42 गौधामों में करीब 5 हजार 109 बेसहारा पशुओं को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि 151 गौधामों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना से गौ-संरक्षण के साथ ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
महासमुंद
खैरखुटा पंचायत विवाद : सचिव की अनुपस्थिति और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर ग्रामीणों की शिकायत
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत खैरखुटा के ग्रामीणों ने पंचायत में कथित अनियमितताओं और राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए विधायक जनसंपर्क कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव की अनुपस्थिति, प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता की कमी और पंचायत गतिविधियों में हस्तक्षेप की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।