"आत्मनिर्भरता" के लिए 209 परिणाम मिले
महासमुंद
आत्मनिर्भरता की ओर कदम : बसना में 44 दिव्यांगजनों को मिले निःशुल्क सहायक उपकरण
महासमुंद जिले के बसना में आयोजित सहायक उपकरण वितरण शिविर में पिथौरा, बसना और सरायपाली के 44 दिव्यांगजनों को 85 निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, एआईसी और एलिम्को के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बैटरी चालित ट्रायसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र समेत कई उपकरण प्रदान किए गए।
महासमुंद
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ : छपोराडीह स्कूल में छात्राओं को करियर और आत्मनिर्भरता का मिला मार्गदर्शन
महासमुंद के हायर सेकेंडरी स्कूल छपोराडीह में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता एवं करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, वित्तीय साक्षरता, बाल अधिकार और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
राज्य सरकार
रायपुर सेंट्रल जेल में नई पहल : महिला बंदियां बना रहीं अचार, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
रायपुर केंद्रीय जेल में 'निश्चय' कार्यक्रम के तहत 60 महिला बंदियों को अचार और मसाला निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद वे जेल में ही विभिन्न प्रकार के अचार तैयार कर रही हैं, जिनकी बिक्री से होने वाली आय का हिस्सा उनके खातों में जमा किया जा रहा है।
राज्य सरकार
आत्मनिर्भरता : पीएम स्वनिधि योजना से बदली जिंदगी, छोटे व्यापारियों को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना महासमुन्द जिले के छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। आसान ऋण सुविधा के जरिए हितग्राही अपने व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह योजना लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
रायपुर
आत्मनिर्भरता की मिसाल : 10 साल का संघर्ष, 185 बकरियों का फार्म मुंगेली के रामलाल की प्रेरक सफलता
मुंगेली जिले के ग्राम सुरही निवासी रामलाल लकड़ा ने बकरी पालन को अपनी आजीविका का मजबूत साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने लगभग 10 वर्ष पहले कुछ बकरियों से शुरुआत की थी, जो आज बढ़कर करीब 185 बकरियों के बड़े फार्म में बदल चुकी है।
राज्य सरकार
सफलता : नाव संचालन से आत्मनिर्भरता तक, महिलाओं ने रचा नया इतिहास
सूरजपुर जिले के पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम पर मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की 10 महिलाओं ने बोटिंग गतिविधि शुरू कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर नाव संचालन और पर्यटकों की सुविधाओं की जिम्मेदारी संभाली। इस पहल से अब तक लगभग 74 हजार रुपये की आय अर्जित हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मविश्वास बढ़ा है।
रायपुर
प्रदर्शन : आत्मनिर्भरता और संस्कारों का शानदार समापन समारोह
15 दिवसीय राष्ट्र सेविका समिति प्रवेश एवं प्रबोध शिक्षा वर्ग का समापन सुभाष स्टेडियम में भव्य रूप से हुआ। सरोना स्थित कृष्णा पब्लिक स्कूल में 13 मई से चल रहे इस प्रशिक्षण में प्रदेशभर की 162 शिक्षार्थी बहनों ने भाग लिया। समापन समारोह में दंड, यष्टी, नियुद्ध और योगचाप के माध्यम से आत्मरक्षा कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
धमतरी
सुशासन तिहार : दिव्यांग युवक के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत
धमतरी के पीपरछेड़ी में सुशासन तिहार समाधान शिविर के दौरान दिव्यांग युवक नागेश देशमुख को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। इससे उनकी आवाजाही आसान हुई और उन्हें बड़ी राहत मिली। यह सहायता उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई।
आत्मनिर्भरता की नई राह : सुशासन तिहार ने बदली डिगेश की दुनिया, ट्रायसिकल बनकर आई नई जिंदगी
सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम राजपुर निवासी 13 वर्षीय डिगेश अजय को ट्रायसिकल प्रदान की गई। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने डिगेश को ट्रायसिकल सौंपकर उसे आत्मनिर्भर बनने की नई राह दी।
संरक्षण पर फोकस : खनन प्रभावित क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका सृजन की दिशा में बड़ा कदम
कोरबा में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की, जबकि मुख्य उपस्थिति मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद ज्योत्सना महंत और अन्य जनप्रतिनिधियों की रही। बैठक में बताया गया कि डीएमएफ कोरबा जिले के विकास का प्रमुख आधार बन चुका है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे हैं। मंत्री ने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
ग्रामीण महिलाओं की नई उड़ान : इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
बिलासपुर के कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) में ग्रामीण महिलाओं को पहली बार इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण दिया गया है। ‘बिहान’ योजना से जुड़ी 20 महिलाएं इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुरुष-प्रधान माने जाने वाले तकनीकी क्षेत्र में कदम रखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण में उन्हें वायरिंग, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी ज्ञान सिखाया गया।
निश्चय कार्यक्रम : युवा बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर की केंद्रीय और महिला जेल में छत्तीसगढ़ शासन की “निश्चय” योजना के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध से दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम में 67 बंदियों (38 महिला और 29 पुरुष) को कौशल विकास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। जेल परिसर में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए नया कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू किया गया, जहां बंदी बुनियादी से लेकर उन्नत कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही रिहाई के बाद स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें बंदियों को व्यवसाय शुरू करने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।