"प्राकृतिक आपदा" के लिए 41 परिणाम मिले
महासमुंद
महासमुंद के किसानों को राहत, फसल बीमा कराने का बढ़ा मौका, जाने अंतिम तिथि
महासमुंद जिले में खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 अगस्त कर दी गई है। किसान बैंक, सहकारी समिति या CSC के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं।
दुर्ग
सवनाही तिहार : देवी-देवताओं की कृपा के लिए गांव बांधने की रस्म, कचांदुर में आज भी जिंदा है परंपरा
दुर्ग जिले के ग्राम कचांदुर में हर साल की तरह इस बार भी सवनाही यानी गांव बांधने की पारंपरिक पूजा श्रद्धा के साथ निभाई गई। आधी रात को शीतला माता मंदिर में पूजा के बाद बैगा और ग्रामीण गांव की चारों दिशाओं में पहुंचे और सुख-शांति की कामना की।
रायपुर
किसानों के लिए जरूरी खबर : 31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, नहीं तो छूट सकता है मौका
मानसून में बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को फसल नुकसान से बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दी गई है। सूखा, अतिवृष्टि या ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर 72 घंटे के भीतर दावा करना जरूरी होगा। किसान 31 जुलाई 2026 तक धान, मक्का, सोयाबीन समेत कई खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं।
विदेश
कुदरत का कहर : नुरिस्तान में बाढ़ से भारी तबाही, 100 से अधिक मौतों की आशंका, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
अफगानिस्तान के नुरिस्तान प्रांत में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 100 से अधिक लोगों की मौत की आशंका है, जबकि सैकड़ों लोग घायल और लापता बताए जा रहे हैं। भारत ने मानवीय सहायता के तहत खाद्य सामग्री, दवाइयां और टेंट भेजे हैं, जिस पर तालिबान प्रशासन ने भारत का धन्यवाद किया है।
सूरजपुर
बारिश बनी आफत : सूरजपुर में FCI गोदाम की दीवार गिरी, 7 मकान क्षतिग्रस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
सूरजपुर के विश्रामपुर क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच FCI गोदाम की बाउंड्री वॉल गिरने से आसपास के 7 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन निर्माण गुणवत्ता और दीवार की मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जर्जर दीवार की समय पर मरम्मत नहीं की गई।
राष्ट्रीय
राजौरी में बाढ़: भारी बारिश और बादल फटने से मची तबाही, कई लोग फंसे
राजौरी में बाढ़ और बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बेला कॉलोनी में पानी भरने से कई गाड़ियां बह गईं और थन्ना मंडी में कई मजदूर फंस गए हैं।
रायपुर संभाग
PM फसल बीमा : आवेदन नहीं किया तो खाते से कट जाएगा प्रीमियम
खरीफ सीजन 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रीवां समिति ने किसानों से कहा है कि यदि वे योजना में शामिल नहीं होना चाहते तो समय रहते आवेदन करें, अन्यथा उनके खाते से प्रीमियम स्वतः कट जाएगा। वहीं किसानों ने क्लेम प्रक्रिया को जटिल बताते हुए व्यक्तिगत फसल नुकसान पर भी समय पर मुआवजा देने और व्यवस्था को सरल बनाने की मांग की है।
राष्ट्रीय
मानसून 2026 : कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा, बदला मौसम
भारत में इस समय मानसून का एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। देश के कुछ राज्यों में जहां मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं कुछ राज्यों में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं
राजनांदगांव
हाईकोर्ट का फैसला : आंधी में पेड़ से गिरकर मौत पर मिलेगा मुआवजा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि आंधी, तेज बारिश या तूफान के दौरान पेड़ से गिरकर हुई मौत को भी प्राकृतिक आपदा माना जाएगा। कोर्ट ने राजस्व विभाग का मुआवजा खारिज करने वाला आदेश रद्द करते हुए मृतक के बेटे को 30 दिनों के भीतर 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय
जेब पर सीधा असर : आज से बदल गए 10 बड़े नियम, पेट्रोल-गैस हुए सस्ते तो पासपोर्ट और रेल यात्रा महंगी
जुलाई 2026 की शुरुआत से देश में कई बड़े नियम बदल गए हैं। कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर 183.50 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि प्राइवेट कंपनी ने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये घटाए हैं। दूसरी ओर, नया पासपोर्ट बनवाना और ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना काफी महंगा हो गया है। साथ ही क्रेडिट कार्ड और टैक्स रिटर्न के नियम भी सख्त हुए हैं।
विदेश
वेनेजुएला में फिर तबाही : भूकंप से अब तक 900 से अधिक की मौतें, मदद को आगे आया भारत
वेनेजुएला में आए दो विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 900 से अधिक की मौत और 3,000 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स से लोगों में दहशत बनी हुई है। इस बीच भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत 41 सदस्यीय मेडिकल टीम और सैन्य डॉक्टरों को राहत एवं उपचार के लिए रवाना किया है।
विदेश
भूकंप का कहर : 188 मौतें, 1,500 से ज्यादा घायल, काराकस में तबाही का मंजर
आपदा प्रबंधन और स्थानीय बचावकर्मी कड़कड़ाती ठंड और खौफ के बीच मलबे में दबे लोगों को तलाशने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। इस हादसे में अब तक कम से कम 188 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।