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हृदय रोग : बचाव के लिए कितनी जरूरी है एक्सरसाइज, फिटनेस लेवल बढ़ता है
नई रिसर्च के अनुसार सप्ताह में 560 से 610 मिनट तक एक्सरसाइज करने से हृदय रोगों का खतरा 30% तक कम हो सकता है। विशेषज्ञों ने इसे महत्वपूर्ण बताया, लेकिन 150 मिनट साप्ताहिक गतिविधि को अब भी जरूरी और लाभकारी माना है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन : ब्लड प्रेशर ,कमजोर इम्यूनिटी तक, जानिए कौन सी चीजें पहुंचाती हैं नुकसान
World Health Organization यानी WHO के अनुसार ज्यादा नमक, चीनी, जंक फूड, धूम्रपान, शराब, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ये तत्व हाई ब्लड प्रेशर, कमजोर हड्डियां, कम इम्यूनिटी, मोटापा और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों ने संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी है।
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महिलाओं : गंभीर हार्मोनल बीमारी PCOS अब PMOS कहलाएगी
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का नाम अब बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ ओवरी की नहीं, बल्कि हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थिति है। इसके लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे, अनचाहे बाल और गर्भधारण में दिक्कत शामिल हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि सही खानपान, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर इलाज से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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मोबाइल फोन : घंटों मोबाइल चला रहे बच्चे, मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ रहा बुरा असर
मोबाइल फोन का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर गंभीर असर डाल रहा है। WHO और कई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च के अनुसार जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों में बोलने में देरी, ध्यान की कमी, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत बच्चों को वास्तविक दुनिया से दूर कर रही है, जिससे उनका व्यवहार और आत्मविश्वास भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करने, आउटडोर गतिविधियों को बढ़ावा देने और घर में डिजिटल अनुशासन लागू करने की जरूरत है।
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अनियमित खानपान : बढ़ रहीं बीमारियां, हेल्दी डाइट अपनाने की सलाह
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का डेली फूड रूटीन तेजी से बिगड़ रहा है। देर रात खाना, सुबह नाश्ता छोड़ना, जंक फूड का अधिक सेवन और पर्याप्त पानी नहीं पीने जैसी आदतें लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अनियमित खानपान की वजह से मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह पौष्टिक नाश्ता, संतुलित दोपहर का भोजन और रात में हल्का खाना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने लोगों को जंक फूड कम खाने, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम करने और घर का बना भोजन प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
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याददाश्त : कमजोर होने के पीछे क्या हैं कारण? जानिए बचाव के तरीके
भारत में भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया और अल्जाइमर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार देश में लाखों बुजुर्ग इससे प्रभावित हैं। बढ़ती उम्र, तनाव, खराब जीवनशैली, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान, नियमित व्यायाम, मानसिक गतिविधियां और संतुलित आहार से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बादाम, अखरोट, हरी सब्जियां, फल, दूध, मछली और ओमेगा-3 युक्त भोजन दिमाग को स्वस्थ रखने में मददगार माना जाता है।
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किडनी रोग का खतरा : 40 की उम्र के बाद इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
40 की उम्र के बाद किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देती, इसलिए अक्सर देर से पता चलती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, कम पानी पीना, ज्यादा नमक और दर्द निवारक दवाओं का अधिक उपयोग इसके प्रमुख कारण हैं। शुरुआती संकेतों में थकान, सूजन, पेशाब में बदलाव और रात में बार-बार पेशाब आना शामिल हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 40 के बाद नियमित किडनी जांच करानी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।
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मीठी ड्रिंक्स : साइलेंट किलर, तेजी से बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ज्यादा चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और जंक फूड का लगातार सेवन फैटी लीवर का खतरा तेजी से बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में अतिरिक्त शुगर फैट बनकर लिवर में जमा होने लगती है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, शराब और खराब लाइफस्टाइल भी इसके बड़े कारण हैं। पेट में भारीपन, थकान, कमजोरी और पाचन संबंधी समस्याएं इसके सामान्य लक्षण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बचाव के लिए हेल्दी डाइट, नियमित व्यायाम, मीठी ड्रिंक्स से दूरी और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी है।
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स्वास्थ्य संकट : जंक फूड और तनाव का असर, बढ़ती बीमारियों की सच्चाई
भारत में अब संक्रमण वाली बीमारियों की तुलना में लाइफस्टाइल और क्रॉनिक बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, मोटापा, फैटी लिवर और थायरॉइड प्रमुख हैं। इसकी मुख्य वजहें गलत खानपान, जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और नींद की कमी हैं। ये समस्याएँ अब युवाओं में भी तेजी से दिख रही हैं। शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य लगते हैं, इसलिए लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर हेल्थ चेकअप से इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।
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हृदय रोग : सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती, हार्ट अटैक और दिल की बीमारियां, जानें कारण और बचाव
हृदय रोग आज के समय में एक तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण खराब जीवनशैली, असंतुलित आहार, तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और मोटापा है। यह अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रमुख प्रकारों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, अरिदमिया और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं, जो दिल की कार्यक्षमता को प्रभावित करती हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान, चक्कर आना और अनियमित धड़कन शामिल हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
महासमुंद
बागबाहरा में 5 से लगेगा 7 दिवसीय हेल्थ कैंप : बिना दवा एक्यूप्रेशर से मिलेगा राहत, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवा
बागबाहरा में 5-11 अप्रैल तक 7 दिवसीय एक्यूप्रेशर हेल्थ कैंप लगेगा, जहां बिना दवा विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा कई बीमारियों का उपचार किया जाएगा।