"सैन्य ताकत" के लिए 21 परिणाम मिले
रक्षा
AI और स्वदेशी ताकत की नई जंग : कैसे Defence Tech बदल रहा है युद्ध और भारत का भूगोल?
आधुनिक रक्षा क्षेत्र अब केवल सैनिकों और पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वायत्त ड्रोन, स्मार्ट मिसाइलें, साइबर वॉरफेयर और अंतरिक्ष तकनीक जैसी उन्नत प्रणालियों पर आधारित हो चुका है। Defence Tech का उद्देश्य इन जटिल सैन्य तकनीकों और वैश्विक रक्षा घटनाक्रमों को सरल, निष्पक्ष और विस्तृत रूप में पाठकों तक पहुंचाना है।
विदेश
पाकिस्तान : बांग्लादेश के JF-17 सौदे ने बढ़ाई भारत की चिंता, सिंधु जल विवाद भी गरमाया
दक्षिण एशिया में इस समय सामरिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान-चीन निर्मित JF-17 थंडर ब्लॉक III लड़ाकू विमान खरीदने की खबरों ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही बांग्लादेश की वायुसेना भारत के लिए बड़ा सैन्य खतरा न हो, लेकिन इन विमानों का इस्तेमाल निगरानी और टोही मिशन के लिए किया जा सकता है। दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर भी विवाद तेज हो गया है।
विदेश
पकिस्तान : भारत के पोखरण टेस्ट के जवाब में पाकिस्तान ने किया था परमाणु परीक्षण
1998 में भारत के पोखरण परमाणु परीक्षण के जवाब में पाकिस्तान ने 28 मई को बलूचिस्तान के चागाई क्षेत्र में सफल परमाणु परीक्षण किए थे। इसी दिन को पाकिस्तान हर साल “यौम-ए-तकबीर” यानी महानता दिवस के रूप में मनाता है। इस वर्ष पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण की 28वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।
विदेश
भारत : मेक इन इंडिया की बड़ी सफलता, भारत में बना 1000वां T-90
भारत ने रूस के आधुनिक T-90 मुख्य युद्धक टैंक का 1000वां यूनिट तैयार कर रक्षा उत्पादन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 2006 के भारत-रूस समझौते के तहत शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में अब टैंकों के लगभग 80 प्रतिशत पुर्जे भारत में ही बनाए जा रहे हैं। भारतीय सेना पुराने T-72 टैंकों की जगह आधुनिक T-90 टैंकों को तैनात कर रही है, हालांकि यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमलों के बाद आधुनिक टैंक युद्ध की रणनीतियों पर नई बहस शुरू हो गई है।
विदेश
भारत : पाकिस्तान की नई युद्ध रणनीति से अलर्ट भारत, ड्रोन वॉरफेयर बना बड़ा खतरा
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान भविष्य में रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रेरित ‘यूक्रेन मॉडल’ रणनीति अपना सकता है। इसमें FPV ड्रोन, ड्रोन स्वॉर्म, साइबर अटैक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल शामिल हो सकता है। विशेषज्ञों ने भारत को रूस जैसी रणनीतिक गलती से बचने और एंटी-ड्रोन व साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की सलाह दी है।
विदेश
रूस : यूक्रेन का हाईटेक पलटवार, पहली बार रूस ने गंवाई जमीन
Ukraine ने दावा किया है कि ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम की मदद से उसने रूस के कब्जे वाले एक इलाके पर फिर से नियंत्रण हासिल किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार Russia को जमीन गंवानी पड़ी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने कहा कि इस सफलता में “ड्रोन सेना” की अहम भूमिका रही और किसी यूक्रेनी सैनिक की मौत नहीं हुई। अब यूक्रेन बड़े पैमाने पर रोबोट और AI आधारित युद्ध प्रणाली अपनाने की तैयारी कर रहा है।
विदेश
अर्जेंटीना : एयरफोर्स में बड़ा बदलाव, पुराने A-4 की जगह आएंगे F-16
Argentina ने लगभग 60 वर्षों तक सेवा देने वाले A-4AR/OA-4AR फाइटिंगहॉक लड़ाकू विमानों को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया है। उनकी जगह अब अमेरिकी F-16 Fighting Falcon विमान शामिल किए जा रहे हैं। अर्जेंटीना पहले भारत के HAL Tejas लड़ाकू विमान पर भी विचार कर रहा था, लेकिन अंततः उसने F-16 को चुना। यह फैसला अर्जेंटीना की वायुसेना के आधुनिकीकरण और बदलती रक्षा रणनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
विदेश
ब्रह्मोस : चीन की बढ़ेगी टेंशन, वियतनाम करेगा तैनाती
Vietnam भारत से BrahMos missile खरीदने की तैयारी कर रहा है, जिससे दक्षिण चीन सागर में China की चिंता बढ़ सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है, जिसे भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है। इसकी तेज गति, सटीक निशाना और दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वियतनाम इन मिसाइलों को अपने तटीय इलाकों में तैनात करता है, तो चीन की नौसैनिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह सौदा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक ताकत बढ़ाने और रक्षा निर्यात मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विदेश
भारत : सैन्य रणनीति और तकनीकी ताकत पर जताई चिंता
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तान में आयोजित रणनीतिक बैठक में विशेषज्ञों ने भारत की बढ़ती सैन्य और तकनीकी ताकत पर चिंता जताई। बैठक में कहा गया कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि साइबर अटैक, हाइब्रिड वॉरफेयर और सूचना युद्ध की भूमिका बढ़ेगी। पाकिस्तानी विश्लेषकों ने माना कि भारत की मिसाइल, ड्रोन, अंतरिक्ष निगरानी और साइबर क्षमताओं के तेजी से विस्तार से दक्षिण एशिया का शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है।