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नया गौरव : बदले पदनाम, अब स्टाफ नर्स नहीं, नर्सिंग ऑफिसर के नाम से होंगी पहचान
अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर श्याम बिहारी जायसवाल ने नर्सिंग संवर्ग के पदनाम बदलने की बड़ी घोषणा की। अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” कहा जाएगा। यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने नर्सों को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनके समर्पण, सेवा भावना और कोविड काल में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि नर्सें मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं और उनका स्थान माँ के समान है।
भीषण गर्मी में राहत : छत्तीसगढ़ के 4,755 सूखते तालाबों को नहरों से मिला पानी
भीषण गर्मी और गिरते भू-जल स्तर के बीच छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सूखते तालाबों को नहरों के माध्यम से भरा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अब तक प्रदेश के 4,755 तालाबों में पानी पहुंचाया जा चुका है। रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी सहित कई जिलों में तेजी से जल भराव कार्य जारी है। इस पहल से ग्रामीणों को निस्तारी और पेयजल संकट से राहत मिल रही है, वहीं भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
सुशासन तिहार : अछोला में शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के तहत महासमुंद जिले के विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अछोला में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए तथा अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ समयबद्ध निराकरण किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
ई-ऑफिस प्रणाली : डिजिटल सुशासन की ओर एक ऐतिहासिक कदम
छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली ने सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाकर सुशासन की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी को बढ़ावा दे रही है तथा भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम कर रही है। अब फाइलें ऑनलाइन ट्रैक होती हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित हुई है।
छत्तीसगढ़
विकास की सौगात : कुनकुरी को मुख्यमंत्री ने 16.05 करोड़ के 12 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जशपुर के कुनकुरी क्षेत्र के कलिबा में 16.05 करोड़ रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदन शामिल हैं।
संग्राहक परिवार से IFS तक : अजय गुप्ता की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से आने वाले अजय गुप्ता ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) में 91वीं रैंक हासिल की है। बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह करने वाले अजय ने 10वीं और 12वीं में शानदार अंक प्राप्त किए और बाद में NIT रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
ग्रीन गोल्ड : हर्बल समृद्धि से आत्मनिर्भरता की ओर, वन संपदा से समृद्धि की नई कहानी
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से “हर्बल स्टेट” के रूप में नई पहचान बना रहा है। तेंदूपत्ता, बांस, लाख, शहद और औषधीय पौधों जैसे वनोपज, जिन्हें “ग्रीन गोल्ड” कहा जाता है, राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। जामगांव की केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई और “छत्तीसगढ़ हर्बल्स” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। आधुनिक प्रसंस्करण, वैज्ञानिक भंडारण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने इन उत्पादों की मांग को बढ़ाया है।
संघर्ष से आत्मनिर्भरता : सुशासन तिहार में दिव्यांग जीवन लाल साहू को मिला नया जीवन
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ में दिव्यांग जीवन लाल साहू को बड़ी राहत मिली। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वे वर्षों से संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे थे और घुटनों के बल चलने को मजबूर थे। शिविर में उन्होंने समाज कल्याण विभाग को आवेदन दिया, जिस पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही निशुल्क ट्राइसाइकिल प्रदान की। इसके साथ ही उन्हें दिव्यांग पेंशन और राशन योजना का भी लाभ मिल रहा है।
समाधान योजना : मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान से उपभोक्ताओं को राहत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 का उद्देश्य घरेलू, बीपीएल, कृषि एवं निम्नदाब उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में राहत देना है। योजना के तहत अधिभार और सरचार्ज में 100% तक छूट तथा पुराने बकाया बिलों पर विशेष राहत दी जा रही है। महासमुंद जिले में अब तक 40,693 सक्रिय उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है और 3.10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गई है। इसके अलावा 279 निष्क्रिय उपभोक्ताओं से भी राशि वसूली और लाभ दिया गया है, जबकि 3.57 करोड़ रुपये की बकाया राशि माफ की गई है।
समाधान शिविर : सुशासन तिहार के तहत जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत लोहारीडीह में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल हुए। शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और क्षेत्रीय विकास कार्यों की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है।
सुशासन तिहार शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, 623 आवेदन पहुंचे; 106 का मौके पर समाधान
सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्राम घुघवा क में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 623 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 106 का मौके पर निराकरण किया गया। सांसद Vijay Baghel ने शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को समय-सीमा में समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। शिविर में व्हील चेयर, राशन कार्ड, पीएम आवास चाबी, जॉब कार्ड और स्वामित्व अधिकार पत्र सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को वितरित किया गया।
छत्तीसगढ़
जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या निवारण महाशिविर
माओवाद प्रभावित पुजारी कांकेर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के “सुशासन तिहार-2026” के तहत पहली बार विशाल जनसमस्या निवारण महाशिविर आयोजित हुआ। जहां कभी जनताना सरकार की जन-अदालत लगती थी, वहीं अब प्रशासन ने सीधे गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान किया। शिविर में 17 से अधिक पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए।