"गुणवत्ता जांच" के लिए 28 परिणाम मिले
महासमुंद
घर की सुरक्षा अब जागरूक हाथों में, खोपली की महिलाओं ने सीखी असली-नकली की पहचान
महासमुंद जिले के ग्राम खोपली स्थित शासकीय हाई स्कूल में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) रायपुर शाखा द्वारा SHINE प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की 35 महिलाओं को ISI मार्क, हॉलमार्किंग, BIS Care App और गुणवत्ता युक्त उत्पादों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में खाद्य पदार्थों में मिलावट, बच्चों की सुरक्षा, रसोई के बर्तन और आभूषणों की शुद्धता जैसे विषयों पर भी जागरूक किया गया।
कृषि विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, रबी 2025-26 एवं खरीफ 2026 की तैयारियों पर मंथन
महासमुंद कृषि विभाग में संयुक्त संचालक कृषि श्री गयाराम की अध्यक्षता में रबी 2025-26 और खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बीज व उर्वरक की गुणवत्ता जांच, फार्मर आईडी (एग्रीस्टैक) के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और किसानों को डिजिटल उर्वरक सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही हरी खाद, मूंग, ढेंचा, सनई, नील हरित काई और नैनो उर्वरकों जैसे वैकल्पिक एवं जैविक साधनों को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा हुई। जिले में नील हरित काई उत्पादन को बढ़ाने के लिए नए टैंकों में कार्य शुरू करने और प्रगतिशील किसानों के प्रयासों की जानकारी साझा की गई।
पीएम-आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर सरसों की जोरदार खरीदी, 404 क्विंटल से अधिक उपार्जन दर्ज
महासमुंद जिले में पीएम-आशा (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत रबी 2025-26 में दलहन और तिलहन की सरकारी खरीदी जारी है। बसना, सरायपाली और पिटियाझर उपार्जन केंद्रों में किसानों से सरसों की खरीद की जा रही है। अब तक 27 किसानों से कुल 404.51 क्विंटल सरसों और 9.43 क्विंटल चना खरीदा गया है। सरसों का समर्थन मूल्य ₹6200 प्रति क्विंटल, चना ₹5875 और मसूर ₹7000 प्रति क्विंटल निर्धारित है। किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि भी बढ़ाई गई है।
देश
गुणवत्ता पर सवाल : दाल निकली ज्यादा तीखी, कलेक्टर ने मौके पर जांच कर व्यवस्था सुधारने के दिए सख्त निर्देश
दमोह जिले में सरकारी छात्रावासों और प्रशिक्षण स्थलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों के बाद कलेक्टर ने औचक निरीक्षण किया। एससी हॉस्टल में दाल बहुत तीखी और बिना सब्जी के मिलने पर उन्होंने खुद भोजन चखकर नाराजगी जताई और पोषण व गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। इससे पहले भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में खराब भोजन और मिठाई में चींटियाँ मिलने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। प्रशासन ने अब व्यवस्था में सख्ती और सुधार के निर्देश दिए हैं।