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राज्य सरकार
बागान से बदली किस्मत : मैनपाट की धरती पर नाशपाती की खेती बना लाखों की कमाई का जरिया
छत्तीसगढ़ के मैनपाट में किसान मनोज यादव ने पारंपरिक खेती छोड़ नाशपाती की बागवानी को अपनाकर सफलता हासिल की है। 170 फलदार पेड़ों वाले उनके बागान से इस सीजन में करीब 1.5 लाख रुपये की आय हुई, वहीं पर्यटक भी ताजे फल खरीदने पहुंच रहे हैं।
राज्य सरकार
चिरायु योजना : धमतरी के 10 वर्षीय त्रिशांत को मिला नया जीवन
धमतरी जिले के सिंधौरीखुर्द निवासी 10 वर्षीय त्रिशांत यादव को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की चिरायु योजना से नई जिंदगी मिली। स्कूल स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जन्मजात हृदय रोग की पहचान के बाद चिरायु टीम ने बच्चे का निःशुल्क इलाज कराया और रायपुर के MMI हॉस्पिटल में सफल हार्ट सर्जरी हुई।
गाइए और छा जाइए
गाइए और छा जाइए : बागबाहरा से मुंबई तक का सफर, हास्य और कविता से बनाई राष्ट्रीय पहचान, अजय अटपटू को मिला कीर्तिमान अवार्ड
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा से राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले हास्य कवि, लेखक और मंच संचालक अजय अटपटू को कीर्तिमान मीडिया द्वारा कीर्तिमान अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साहित्य, हास्य कला, टीवी जगत में योगदान तथा देशभर में कवि सम्मेलनों के सफल संचालन के लिए प्रदान किया गया।
फिल्में
संगीत की अनसुनी कहानी : 40 साल बाद ऊषा उत्थुप को मिला हक का सम्मान
अपनी दमदार और अलग पहचान वाली आवाज के लिए मशहूर ऊषा उत्थुप को चार दशक लंबे करियर के बाद वह सम्मान मिला, जिसकी उन्हें लंबे समय से प्रतीक्षा थी। साल 2011 में रिलीज हुई प्रियंका चोपड़ा स्टारर फिल्म 7 खून माफ का गीत ‘डार्लिंग’ उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस गाने ने न केवल उन्हें नई पहचान दिलाई, बल्कि पहली बार बड़े पुरस्कार भी उनके नाम किए। आज भी यह गीत ऊषा उत्थुप के सबसे यादगार और लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।
मनोरंजन
वेब सीरीज : भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास पर आधारित नई सीरीज का ट्रेलर रिलीज
मेड इन इंडिया – एक टाइटन की कहानी” का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसमें भारत के प्रतिष्ठित ब्रांड टाइटन कंपनी की प्रेरणादायक सफलता की कहानी दिखाई जाएगी। सीरीज में नसीरुद्दीन शाह जेआरडी टाटा और जिम सर्भ ज़ेरक्सेस देसाई की भूमिका निभा रहे हैं। यह 6 एपिसोड की सीरीज टाइटन ब्रांड के संघर्ष, नेतृत्व, नवाचार और भारत के औद्योगिक विकास की कहानी को दर्शाएगी।
जिंदगी की जीत : स्वस्थ बस्तर अभियान ने दो मासूमों को दिया नया जीवन
सुकमा जिले के दुर्गम ग्राम दुरभा में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने दो गंभीर रूप से बीमार बच्चियों की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की। मलेरिया, कुपोषण और बेहद कम हीमोग्लोबिन से जूझ रही बच्चियों को स्वास्थ्य टीम ने जंगल और नदी-नाले पार कर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका निःशुल्क इलाज किया गया।
सिंगल विंडो मॉडल : सुकमा प्रशासन की पहल से दूरस्थ ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सुकमा जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू किए गए ‘सिंगल विंडो कक्ष’ ने ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी है। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप द्वारा उद्घाटित इस व्यवस्था के माध्यम से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज अब तेजी से बनाए जा रहे हैं। कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है। अब तक 3620 से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं
मनोरंजन
बॉक्स ऑफिस पर धमाल : भूत बंगला ने 12 दिनों में ₹121 करोड़ के पार, ‘स्त्री’ का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब
अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। 12वें दिन फिल्म ने करीब ₹4.50 करोड़ कमाए, जिससे 12 दिनों में इसका कुल कलेक्शन लगभग ₹121 करोड़ पहुंच गया। पहले हफ्ते में फिल्म ने ₹84.60 करोड़ कमाए थे और दूसरे हफ्ते में भी इसकी कमाई स्थिर बनी हुई है। फिल्म ने मुंज्या का लाइफटाइम कलेक्शन पार कर लिया है और अब स्त्री के रिकॉर्ड (₹129.67 करोड़) के करीब पहुंच गई है। मजबूत स्टारकास्ट, कॉमेडी-हॉरर का मिश्रण और दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया इसकी सफलता की वजह मानी जा रही है।
लैलूंगा के किसान ने गेंदा फूल की खेती से बढ़ाई आय, धान की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा हासिल
रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम गमेकेरा के किसान ईश्वरचरण पैकरा ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेंदा फूल की खेती अपनाई, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 0.400 हेक्टेयर भूमि पर की गई इस खेती से उन्हें लगभग 38 क्विंटल उत्पादन मिला और करीब 2.59 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक है। उनकी इस सफलता से गांव के अन्य किसान भी फूलों की खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं।