"सफलता की कहानी" के लिए 33 परिणाम मिले
केंद्र सरकार
Mahtari Vandan Yojana: महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बनीं सुमन लता, मेहनत से हासिल की लखपति दीदी की पहचान
Mahtari Vandan Yojana: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सुमन लता वाकरे ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। 15 हजार रुपये की आरएफ राशि और समूह की सहायता से शुरू की गई किराना दुकान आज उनकी सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय का जरिया बन चुकी है। उनकी सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है।
राज्य सरकार
Dhamtari News: चिरायु योजना से मिली नई जिंदगी, जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे भाव्यांश की सफल हार्ट सर्जरी
Dhamtari News: धमतरी के नन्हें भाव्यांश साहू को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु योजना के तहत समय पर इलाज मिला। जन्मजात हृदयरोग की पहचान के बाद नया रायपुर के अस्पताल में सफल सर्जरी की गई, जिससे अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
राज्य सरकार
Kawardha Medical College : कवर्धा मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की शुरुआत, डिप्टी CM विजय शर्मा ने छात्रों को दिया सेवा का मंत्र
Kawardha Medical College: कवर्धा मेडिकल कॉलेज के पहले बैच के विद्यार्थियों से उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने संवाद किया। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या, प्रवेश परीक्षा की तैयारी और सफलता के अनुभवों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि वे रोजाना किताबों और डिजिटल माध्यमों से कई घंटे पढ़ाई करते थे। इस दौरान छात्रों ने अपनी मेहनत, चुनौतियों और सफलता की कहानी भी साझा की।
फिल्में
Hanuman Ansh: 2 करोड़ की फिल्म ने कमाए 100 करोड़, नीम करोली बाबा के किरदार को मिला दर्शकों का प्यार
Hanuman Ansh: जब किसी को भगवान का आशीर्वाद मिलता है तो उसकी मेहनत किस तरह बड़ी सफलता में बदल सकती है, इसकी मिसाल इन दिनों फिल्म हनुमान अंश दे रही है। नीम करोली बाबा की जिंदगी से प्रेरित इस फिल्म ने शुरुआत में भले ही धीमी रफ्तार पकड़ी हो, लेकिन बाद में दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। करीब 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी फिल्म अब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुकी है।
फिल्में
Premanand Maharaj Advice: कमाई के नए रिकॉर्ड तोड़ रही फिल्म, प्रेमानंद महाराज की एक सलाह ने बदल दी सिनेमा की किस्मत
Premanand Maharaj Advice: कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 25 दिनों में 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। फिल्म की सफलता में प्रेमानंद महाराज के मार्गदर्शन और कहानी की प्रमाणिकता पर दिए जोर की भी चर्चा हो रही है।
राज्य सरकार
Lakhpati Didi : सरकारी सहयोग और मेहनत का कमाल, लखपति दीदी बनीं कमलेश यादव
Lakhpati Didi: मरवाही विकासखंड की कमलेश यादव ने महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर चिकन स्टोर और सिलाई कार्य को आय का जरिया बनाया। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है।
संपादकीय
रूपकुमारी की राष्ट्रीय पहचान से बदलेगा छत्तीसगढ़ का सियासी शक्ति संतुलन
महासमुंद के एक छोटे से गांव से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ सफर महज डेढ़ दशक में राष्ट्रीय राजनीति के क्षितिज पर स्पष्ट तस्वीर बनकर उभरा है। सवाल अब सिर्फ इतना नहीं है कि रूपकुमारी चौधरी को भाजपा ने राष्ट्रीय महिला मोर्चा की कमान क्यों सौंपी; बड़ा सवाल यह है कि इस राष्ट्रीय उभार से छत्तीसगढ़ की राजनीति और खासकर महासमुंद के पुराने सियासी समीकरण किस दिशा में जाएंगे...
रायपुर संभाग
स्कूल पहुंचे जनपद सीईओ, विकास कार्यों का लिया जायजा, ग्रामीणों की मांगें जल्द पूरी करने का दिया भरोसा
जनपद पंचायत आरंग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेंद्र प्रसाद पांडे ने ग्राम पंचायत कुकरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति देखी और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
शिक्षा
आस्था ने लिखी सफलता की नई कहानी, अब संभालेंगी ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी
आस्था ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अफसर बनने का सपना पूरा किया। परिवार की इच्छा डॉक्टर बनने की थी, लेकिन उन्होंने सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। UPSC में असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और सेल्फ स्टडी के जरिए BPSC परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।
शिक्षा
बड़ी सफलता : गांव में अस्पताल नहीं, इसलिए डॉक्टर बनने निकली स्मृतिलेखा, 603 अंक से रची मिसाल
मेदिनीपुर जिले के पाउशी गांव की स्मृतिलेखा ने NEET UG 2026 में 720 में से 603 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 9065 प्राप्त की। गांव में अस्पताल न होने और समय पर इलाज के अभाव में लोगों की मौत से प्रेरित होकर उन्होंने डॉक्टर बनने का संकल्प लिया। सरकारी नौकरी छोड़कर कठिन मेहनत की और अब उनका सपना अपने गांव में अस्पताल खोलकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शिक्षा
रचा इतिहास : किसान परिवार का बेटा बना SDM, 23 की उम्र में RAS टॉप कर दिखाया कमाल
राजस्थान के अजमेर जिले के किसान परिवार से आने वाले कुशल चौधरी ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर महज 23 साल की उम्र में RAS 2023 परीक्षा में पहली रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले कुशल ने बिना कोचिंग और नौकरी के साथ तैयारी करते हुए यह सफलता हासिल की। शिक्षा विभाग में लैब असिस्टेंट की नौकरी के दौरान उन्होंने RAS की तैयारी जारी रखी।
कारोबार
बदली किस्मत : ₹38 हजार की नौकरी छोड़ी, चाय बेचकर हर महीने कमा रहे ₹1 लाख
38 हजार रुपये महीने की नौकरी छोड़ एक युवक ने करीब 2 लाख रुपये लगाकर चाय की दुकान शुरू की। आज वह रोजाना सैकड़ों कप चाय बेचकर सभी खर्चों के बाद करीब 1 लाख रुपये मासिक मुनाफा कमा रहा है। उसकी सफलता की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।