"ग्रामीण अर्थव्यवस्था" के लिए 109 परिणाम मिले
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GPM Farmers: जीपीएम की पहचान बना विष्णुभोग चावल, 1,500 किसानों को मिल रहा फायदा
Vishnubhog Rice: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का पारंपरिक सुगंधित विष्णुभोग चावल अब एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत नई पहचान बना रहा है। पेंड्रा क्षेत्र में करीब 1,500 किसान 600 एकड़ में इसकी खेती कर रहे हैं। वहीं महिलाओं की भागीदारी से धान की खरीदी, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा मिला है।
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लखनपुर में मछली बीज वितरण, ग्रामीणों को आजीविका से जोड़ने पर जोर
लखनपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के तहत मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों को मछली पालन से जोड़कर आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में हितग्राहियों को मछली बीज वितरित किए गए।
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बस्तर में बदलाव की नई तस्वीर, सेवा डेरा से महिलाओं को मिलेगा रोजगार
ग्राम पंचायत कामानार के सेवा डेरा का निरीक्षण कर सीईओ खन्ना ने ग्रामीणों को एक ही स्थान पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। महिलाओं के इमली और महुआ लड्डू प्रसंस्करण इकाई के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
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वन संसाधनों से रोजगार बढ़ाने पर जोर, केदार कश्यप ने किया वनौषधि केंद्र का निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने कोरबा प्रवास के दौरान डोंगानाला के वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र और चोटिया हाथी नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वन आधारित आजीविका बढ़ाने, महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने और मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी को जरूरी बताया।
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अटल जी की पुण्यतिथि पर CM साय ने दी श्रद्धांजलि, छत्तीसगढ़ निर्माण में योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।
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सौर सुजला योजना से बदली वनांचल की खेती, 4,722 किसानों के खेतों तक पहुंची सिंचाई सुविधा
छत्तीसगढ़ की सौर सुजला योजना नारायणपुर और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर सिंचाई पंप मिलने से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है। अब वे बिना बिजली बिल और कटौती की चिंता के खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं।
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अदरक की खेती ने बदली किसान की तकदीर, पौन एकड़ में कमाए 4.5 लाख रुपए
सरगुजा जिले के दरिमा गांव के किसान संतोष कुमार सिंह ने फसल विविधीकरण अपनाकर पौन एकड़ जमीन में अदरक की खेती से करीब साढ़े चार लाख रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। बेहतर बाजार भाव और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से उनकी आय बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने इस वर्ष अदरक की खेती का रकबा बढ़ाकर एक एकड़ कर लिया है।
धमतरी
धमतरी में खुलेगा पहला पशु औषधि विक्रय केंद्र, पशुपालकों को मिलेगी सस्ती दवाइयां
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के पशुपालकों के लिए राहत की खबर है। अब पशुओं के इलाज के लिए जेनेरिक दवाइयां स्थानीय स्तर पर सस्ती और उचित दरों पर उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए धमतरी विकासखंड में जिले के पहले पशु औषधि विक्रय केंद्र (PAVK) की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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धमतरी के भोथापारा में जल संरक्षण और मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवार बने आत्मनिर्भर
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के भोथापारा गांव में आजीविका डबरी योजना ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी है। वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधा और मत्स्य पालन के जरिए परिवारों की आय बढ़ी और पलायन पर रोक लगी।
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जल संरक्षण से आत्मनिर्भर बना कालामांजल, 250 से अधिक लोगों को मिला रोजगार
सूरजपुर जिले के कालामांजल गांव में जल संरक्षण कार्यों से बड़ा बदलाव आया है। कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम के निर्माण से बारिश का पानी सहेजा गया, जल स्रोत सालभर उपलब्ध हुए और खेती, मत्स्य पालन व ग्रामीण रोजगार के नए अवसर बढ़े।
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छत्तीसगढ़ में बनेंगे 1460 गौधाम, बेसहारा पशुओं को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
छत्तीसगढ़ सरकार ने घुमंतू और निराश्रित पशुओं के संरक्षण के लिए गौधाम योजना शुरू की है। इसके तहत प्रदेशभर में 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे। अब तक 42 गौधामों में करीब 5 हजार 109 बेसहारा पशुओं को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि 151 गौधामों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना से गौ-संरक्षण के साथ ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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बिहान योजना की पहल : अमारू में मत्स्य पालन से खुलेंगे रोजगार और आय के नए रास्ते
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत अमारू को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के तहत मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और बिहान मिशन की पहल से तालाब में 10 से 12 हजार मत्स्य स्पॉन का संचयन किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध होंगे और किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों व मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।