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कृषि जागरूकता : किसानों को आधुनिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया गया जागरूक
विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में जागरूकता एवं समाधान शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा किसानों को शासन की योजनाओं, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों एवं जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई।
महासमुंद
विकसित कृषि संकल्प अभियान से गांव-गांव पहुंच रही आधुनिक खेती की तकनीक, किसानों में दिख रहा उत्साह
महासमुंद जिले में 05 से 20 मई 2026 तक चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत एवं आधुनिक खेती की जानकारी दी जा रही है। कृषि रथ और शिविरों के माध्यम से किसानों को मिलेट्स की खेती, फसल चक्र परिवर्तन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
छत्तीसगढ़
कार्ययोजना : ग्राम पंचायत स्तर पर बनेगी योजना, सीएसआर फंड के उपयोग पर जोर
छत्तीसगढ़ के मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य जलवायु परिवर्तन स्टियरिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने और सीएसआर फंड का उपयोग जलवायु कार्यक्रमों में करने पर जोर दिया गया। बैठक में राज्य की जलवायु कार्ययोजना, कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम, और जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, ई-वाहन और सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की उठी माँग: संविधान संशोधन के लिए महासमुंद में गौसेवकों ने सौंपा ज्ञापन
भारत के संविधान में पहले से ही अनुच्छेद 48 के तहत राज्य को गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन यह नीतिनिर्देशक तत्व (Directive Principle) है, यानी यह अदालत में बाध्यकारी नहीं होता। इसी तरह अनुच्छेद 51A नागरिकों के कर्तव्यों की बात करता है, लेकिन इन्हें लागू करवाने के लिए दंडात्मक प्रावधान सीमित हैं। यदि इन अनुच्छेदों में बदलाव करना हो, तो इसके लिए संसद में संवैधानिक संशोधन (Constitutional Amendment) की जटिल प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिसमें व्यापक राजनीतिक सहमति जरूरी होती है।
महासमुंद
सरायपाली में राज्यपाल का सख्त संदेश: “डबरी खनन बढ़ाओ, जल बचाओ – हर खेत तक पहुंचे विकास”
राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों को डबरी खनन के लिए प्रोत्साहित किया और जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरित विकास पर जोर दिया। जैविक खेती, रासायनिक उर्वरक कम करने और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की हिदायत दी। स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में टीबी, कैंसर और मोतियाबिंद के लिए जनसहभागिता बढ़ाने, योग को जन-जन तक पहुंचाने और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया। बैठक में जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।