"जैविक खेती" के लिए 41 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Nutrition Garden: सुरक्षित खाद्य उत्पादन और आहार विविधता पर जोर, 62 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
Nutrition Garden: आईसीएआर-एनआईबीएसएम रायपुर ने 62 किसानों के लिए पोषण वाटिका प्रशिक्षण आयोजित किया। किसानों को फलदार पौधे और 18 प्रकार की सब्जियों के बीज वितरित किए गए।
राज्य सरकार
धमतरी के भोथापारा में जल संरक्षण और मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवार बने आत्मनिर्भर
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के भोथापारा गांव में आजीविका डबरी योजना ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी है। वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधा और मत्स्य पालन के जरिए परिवारों की आय बढ़ी और पलायन पर रोक लगी।
स्टार्टअप
गांव-कस्बों में शुरू करें ये 5 स्टार्टअप, कम लागत में बनाएं बड़ी कमाई का रास्ता
भारत के गांवों और छोटे कस्बों में कम लागत वाले स्टार्टअप के लिए कई नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बाजार की मदद से छोटे कारोबारी भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। कृषि, डिजिटल सेवा केंद्र, फूड प्रोसेसिंग, ऑनलाइन बिक्री और सर्विस सेक्टर जैसे कारोबार कम निवेश में शुरू किए जा सकते हैं और मेहनत व सही रणनीति के साथ इन्हें बड़े ब्रांड में बदला जा सकता है।
महासमुंद
अनूठी पहल : महासमुंद में व्यवहारिक कृषि शिक्षा से खेतों के लिए तैयार हो रहे भविष्य के किसान
महासमुंद के एक विद्यालय में विद्यार्थियों को खेतों, नर्सरी और कृषि प्रायोगिक प्रक्षेत्र में आधुनिक खेती का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
महासमुंद
महासमुंद में 9708 हेक्टेयर में वैकल्पिक फसलें, किसानों को मिलेगा 15 हजार रुपए प्रति एकड़ लाभ
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन और अन्य फसल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। जिले में अब तक 9708 हेक्टेयर क्षेत्र में वैकल्पिक फसलों की खेती की जा चुकी है।
महासमुंद
समीक्षा बैठक : महासमुंद कलेक्टर ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, एग्रीस्टेक पंजीयन तेज करने कहा
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभागीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित समाधान, एग्रीस्टेक पंजीयन में तेजी और खाता विभाजन के मामलों के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
समय-सीमा बैठक: कलेक्टर ने की योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण, एग्रीस्टैक पंजीयन, खाद वितरण, एचपीवी टीकाकरण और मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
कृषि यंत्रीकरण योजना बनी सहारा : बिलाईगढ़ के किसान को मिला ट्रैक्टर पर 4 लाख अनुदान
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ विकासखंड के किसान तिहारूराम चंद्रा को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 4 लाख रुपए का अनुदान मिला। सुशासन शिविर में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने उन्हें नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी।
महासमुंद
कृषि संवाद : जन चौपाल में किसानों को मिला खेती सुधार का संदेश, बांटे उड़द बीज किट
महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत परसदा में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किसानों को उड़द बीज किट वितरित किए। इस दौरान किसानों को फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम किसान योजना और शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को दलहन-तिलहन फसलों को बढ़ावा देने, मृदा परीक्षण और मौसम आधारित खेती अपनाने की सलाह दी।
महासमुंद
समय-सीमा बैठक: कलेक्टर का फोकस, बाढ़ से लेकर कुपोषण तक की हुई समीक्षा
जिले की समय-सीमा बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मानसून तैयारियों, बाढ़ राहत, स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण उन्मूलन और खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित शिकायतों का समयबद्ध निराकरण और किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
किसान ने दिखाई नई राह : ढैंचा की खेती से मिट्टी होगी उपजाऊ, बसना के किसान ने पेश की मिसाल
महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने 0.80 हेक्टेयर क्षेत्र में ढैंचा की हरी खाद की फसल लगाकर जैविक एवं टिकाऊ खेती की दिशा में पहल की है। कृषि विभाग के अनुसार हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, नाइट्रोजन की उपलब्धता, जलधारण क्षमता और फसल उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होता है।
राज्य सरकार
आय का नया जरिया : छत्तीसगढ़ में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, 80 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
महासमुंद और पिथौरा के 80 किसानों ने आरंग के लिंगाडीह में आयोजित प्रशिक्षण में मखाना की वैज्ञानिक खेती, बीज उत्पादन और प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने बताया कि मखाना कम जोखिम और अधिक लाभ वाली फसल है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।