"जैविक खेती" के लिए 41 परिणाम मिले
रायगढ़
अनूठी पहल : आधे एकड़ में संजोईं देशी धान की 76 किस्में, रायगढ़ के किसान की राष्ट्रीय पहचान
रायगढ़ के खैरबहार गांव के किसान भवानी पंडा ने आधे एकड़ खेत में देशी धान की 76 दुर्लभ किस्मों का संरक्षण कर मिसाल पेश की है। उनके प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, जबकि जैविक खेती और पारंपरिक बीजों के संरक्षण के लिए वे अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
कबीरधाम
आधुनिक खेती : मक्का और टमाटर की अनोखी खेती से चमकी किसान की किस्मत
कबीरधाम जिले के खैरझिटी गांव के किसान ललित साहू ने आधुनिक तकनीकों और मिश्रित खेती के जरिए खेती को लाभकारी बना दिया है। मक्का-टमाटर और गन्ना-प्याज जैसी फसलों के सफल प्रयोग से उन्होंने उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। उनकी नवाचार आधारित खेती आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
स्टार्टअप
छोटे शहर-बड़े ख्वाब : कम लागत में लाखों कमाने वाले 5 स्मार्ट स्टार्टअप आइडियाज
2026 में छोटे शहर स्टार्टअप्स के लिए सबसे बड़े अवसर बनकर उभर रहे हैं। क्लाउड किचन, एग्री-टेक कंसल्टेंसी, डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी, कस्टम गिफ्टिंग और ईवी चार्जिंग जैसे व्यवसाय कम निवेश में शुरू किए जा सकते हैं और बेहतर मुनाफा दे सकते हैं। सफलता के लिए स्थानीय जरूरतों की समझ और डिजिटल पहुंच सबसे अहम है।
राज्य सरकार
खेत बचाओ अभियान : किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए किया जा रहा जागरूक
जिले में “खेत बचाओ अभियान” के तहत कृषि विभाग द्वारा 30 जून तक किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 21 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल एवं संगोष्ठी आयोजित कर किसानों को खेती की बढ़ती लागत, मिट्टी की उर्वरता में गिरावट और समाधान के रूप में जैविक खेती, हरी खाद, जल संरक्षण तथा फसल चक्र अपनाने की जानकारी दी गई।
राज्य सरकार
मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी : खेत बचाओ अभियान में किसानों को दिया गया जागरूकता संदेश
बागबाहरा के कृषि उपज मंडी प्रांगण में देशव्यापी "खेत बचाओ अभियान" के तहत जिला स्तरीय जैविक एवं प्राकृतिक कृषि कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील की।
राज्य सरकार
खेत बचाओ अभियान : कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बताए टिकाऊ खेती के मंत्र
जिले में 30 जून तक चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान के तहत महासमुंद, बसना, पिथौरा और सरायपाली विकासखंडों की 22 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल एवं संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व की जानकारी दी।
राज्य सरकार
खरीफ 2026 : किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक भंडारण, 7,110 मीट्रिक टन वितरण
जिले में अब तक 7,110 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किए गए हैं, कुल 30,683 मीट्रिक टन भंडारित। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी सहित 13,000 लीटर उर्वरक सुरक्षित। भूमि रकबे के अनुसार वितरण योजना बनाई गई है। जैविक खाद और ब्लू-ग्रीन एल्गी के उपयोग से संतुलित पोषण प्रबंधन को बढ़ावा। अनियमितता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित।
राज्य सरकार
खेत बचाओ अभियान : 20 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल का आयोजन
जिले में खेत बचाओ अभियान के तहत 30 जून तक कृषक चौपाल एवं संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महासमुंद, पिथौरा और सरायपाली के 20 ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम हुए, जिनमें किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए जागरूक किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी।
राज्य सरकार
खेत बचाओ अभियान : 41 ग्राम पंचायतों में किसानों को प्राकृतिक खेती का दिया जा रहा प्रशिक्षण
महासमुंद जिले में कृषि विभाग द्वारा 01 से 30 जून 2026 तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 41 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल और संगोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
राज्य सरकार
अभियान : प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर किसानों में जागरूकता तेज
जिले में कृषि विभाग द्वारा 01 जून से 30 जून 2026 तक “खेत बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य पर रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव, जैविक खेती के लाभ तथा उर्वरक विकल्पों जैसे नैनो यूरिया, जैव उर्वरक, हरी खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी दी जा रही है।
राज्य सरकार
किसानों को बड़ी राहत : कोरबा में खाद-बीज पर्याप्त, प्रशासन सख्त मोड में
कोरबा जिले में खरीफ 2026 के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में पर्याप्त भंडारण मौजूद है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। कलेक्टर ने खाद-बीज वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक और हरी खाद जैसे ढैंचा, मूंग और नील
सेहत
ऑर्गेनिक खेती : बदल रही कृषि की तस्वीर, दुनिया भर में मांग,पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण
दुनियाभर में ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की मांग पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित भोजन की चाहत ने ऑर्गेनिक उत्पादों के बाजार को 106 अरब डॉलर से अधिक का बना दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आज भी यह नहीं समझते कि ऑर्गेनिक लेबल के पीछे कौन से वैज्ञानिक मानक और प्रमाणन प्रक्रियाएं काम करती हैं।