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छत्तीसगढ़
भड़की हिंसा : जंगल बचाने पहुँचे कर्मचारी पर हमला, विस्थापन की आग में भड़का घरघोड़ा
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज में वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर तनाव हिंसक हो गया। चिमटापानी क्षेत्र में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को पोकलेन मशीन से जंगल की जमीन समतल करते हुए रोका, जिस पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने हथियारों और डंडों से वनकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की और उन्हें मौके से भगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि NTPC Limited द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद वे बेघर हो गए हैं, इसलिए मजबूरी में जंगल की जमीन पर बसने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला वन संरक्षण और विस्थापन के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करता है।
भाजपा
भाजपा-कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर घमासान तेज, सीएम साय और अरुण सिंह ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा और कांग्रेस के बीच महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और भाजपा नेता Arun Singh ने कांग्रेस पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे का विरोध करने और बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस का रवैया महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और वह इस मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपनाती रही है। वहीं, कांग्रेस पर पलटवार और अपना पक्ष रखने की संभावना बनी हुई है। इस बयानबाज़ी के चलते राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।
B.Ed छात्र ने प्रेमिका की गला दबाकर हत्या की, खुद ही 108 को किया फोन; पुलिस ने किया गिरफ्तार
दुर्ग के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में B.Ed के छात्र कार्तिक राम साहू ने अपनी प्रेमिका उनेश्वरी वर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी। दोनों के बीच फोन कॉल को लेकर विवाद हुआ था, जो इतना बढ़ गया कि आरोपी ने वारदात को अंजाम दे दिया। घटना के बाद उसने युवती को बेहोश समझकर खुद ही 108 एंबुलेंस को फोन किया, जहां पहुंची टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
मनोरंजन
फिल्मी दुनिया : कुछ यहां...कुछ वहां और बीच में पुरानी मोहब्बत की हलचल, प्रियंका की पोस्ट ने क्यों छेड़ दी बॉलीवुड की सबसे चर्चित कहानी
प्रियंका का कैप्शन “कुछ यहां...कुछ वहां” अपने आप में काफी खुला हुआ है। यह एक कैजुअल पोस्ट भी हो सकता है, लेकिन जिस तरह से एक खास फ्रेम ने चर्चा को हवा दी, उससे यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह महज इत्तेफाक था या एक सोच-समझकर किया गया नॉस्टैल्जिक ट्रिगर।
संसद
परिसीमन और आरक्षण : सीटें बढ़ाने का सपना क्यों टूटा, और लोकसभा में कैसे गिरी सरकार की सबसे बड़ी संसदीय बाज़ी, समझिए पूरी कहानी
पूरे घटनाक्रम को अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो यह सिर्फ एक बिल की हार नहीं है। यह उस जटिल संतुलन का उदाहरण है, जिसमें जनसंख्या, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक हित एक साथ टकराते हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा। यह कहा जा सकता है कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने का यह प्रयास संसदीय प्रक्रिया में नहीं रुका, इसने यह भी दिखा दिया कि बड़े संवैधानिक बदलाव बहुमत से ही नहीं, व्यापक सहमति से ही संभव होते हैं।
देश
प्रियंका गांधी की PC : महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन का खेल था, 131वां संशोधन बिल गिरने पर सियासत तेज
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस सामने आई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक महिला आरक्षण के बजाय परिसीमन से जुड़ा था, जबकि सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़कर पेश किया। संसद में हुई बहस में संघीय ढांचे, जनगणना और प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे केंद्र में रहे।
छत्तीसगढ़
शक ने ली जान : प्रेमी ने गर्लफ्रेंड का गला घोंटा, खुद ही 112 पर कॉल कर बताया ‘बेहोश है’
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक युवक ने शक और गुस्से में अपनी गर्लफ्रेंड की गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनों की मुलाकात B.Ed की पढ़ाई के दौरान हुई थी और प्रेम संबंध में थे, लेकिन अवैध संबंध के शक को लेकर अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन किराए के कमरे में झगड़ा बढ़ने पर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया और बाद में खुद ही डायल-112 पर कॉल कर युवती के बेहोश होने की सूचना दी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।
छत्तीसगढ़
सारंगढ़ में कृषि दफ्तर में बवाल : पत्रकार को जड़े 10+ मुक्के, वकील को धक्का; CCTV आया सामने, कलेक्टर ने थमाया नोटिस
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कृषि विभाग कार्यालय में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण पटेल ने जानकारी मांगने पर पत्रकार पोषराम साहू की पिटाई कर दी और बीच-बचाव करने आए वकील जनक बरेठ को धक्का दे दिया। घटना CCTV में कैद हुई है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 3 दिन में जवाब मांगा है।
छत्तीसगढ़
वेदांता प्लांट हादसा : 22 की मौत, 14 घायल, भूपेश बघेल ने FIR पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता प्लांट हादसे में मौत का आंकड़ा 22 हो गया है। पश्चिम बंगाल के एक मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से 14 का इलाज जारी है। शुरुआती जांच में बॉयलर फटने और प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है।
खेल
नीरज चोपड़ा और सुमित अंतिल ने कोच पर लगाए गंभीर आरोप, SAI ने शुरू की जांच
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर Neeraj Chopra और पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट Sumit Antil ने अपने कोच के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें अभद्र भाषा और अनुशासनहीन व्यवहार शामिल है। दोनों खिलाड़ियों ने शिकायत में सबूत भी सौंपे हैं। मामला अब Sports Authority of India तक पहुंच चुका है, जिसने जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई संबंधित खेल महासंघ करेगा।
छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार: 30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे के निर्देश, 1 मई से 10 जून तक लगेंगे जनसमस्या निवारण शिविर
छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को 30 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित मामलों—जैसे भूमि विवाद, मनरेगा भुगतान, प्रमाण पत्र, बिजली व पेयजल समस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं के लाभ—का प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। 1 मई से 10 जून 2026 तक पंचायत और वार्ड स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होंगे, जहां आवेदन लिए जाएंगे और अधिकतम एक माह में उनका समाधान किया जाएगा। अभियान के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा तथा वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शिविरों का निरीक्षण करेंगे।
संसद
महिला आरक्षण कानून लागू: 33% सीटों पर महिलाओं का अधिकार, असर 2029 से
महिला आरक्षण अधिनियम-2023 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की जाएंगी। हालांकि कानून लागू हो चुका है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव जनगणना और परिसीमन के बाद, संभवतः 2029 के चुनाव से दिखाई देगा। यह कदम राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।