"विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)" के लिए 9 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Health Department: छत्तीसगढ़ में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम की तैयारी तेज, NP-NCD कार्यक्रम के तहत हुआ प्रशिक्षण
Health Department: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने गैर-संचारी रोगों की पहचान और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों को NP-NCD कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण में NCD स्क्रीनिंग, NCD पोर्टल और मरीजों के फॉलोअप की प्रक्रिया समझाई गई।
सेहत
एरवाड़ी हादसा : मानसिक बीमारी और सिस्टम की सबसे दर्दनाक कहानी
तमिलनाडु के एरवाड़ी में 6 अगस्त 2001 को एक अवैध मेंटल होम में आग लगने से जंजीरों में बंधे 28 मानसिक रोगियों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने देश की मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था, इलाज की कमी और अंधविश्वास की गंभीर समस्या को उजागर किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017 के जरिए मानसिक रोगियों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा दी गई।
सेहत
गजब की खोज : रोजाना सिर्फ 20 मिनट की यह आदत बदल देगी आपकी सेहत, दिल की बीमारियों का खतरा होगा आधा
एक नई ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना केवल 20 से 25 मिनट की तेज वॉक या हल्की शारीरिक गतिविधि करने से दिल की बीमारियों और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 40% से 50% तक कम हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।
रायगढ़
अभियान : रायगढ़ में तंबाकू के खिलाफ एकजुट हुए लोग, जागरूकता रैली से फैलाया संदेश
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रायगढ़ में समाज कल्याण विभाग द्वारा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। सियान गुड़ी जतन केंद्र से निकली इस रैली में नागरिकों, युवाओं और वरिष्ठों ने भाग लेकर तंबाकू व धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाई।
सेहत
अल्जाइमर : उपचार में नई दिशा, लेकिन निर्णायक सफलता अभी दूर
अल्जाइमर रोग के इलाज के लिए विकसित की जा रही नई दवाओं ने दुनियाभर में उम्मीदें जरूर जगाई हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हें अभी चमत्कारी इलाज नहीं माना जा सकता। हालिया शोधों में पाया गया है कि कुछ नई दवाएं बीमारी की प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन इनके लाभ सीमित हैं। साथ ही दुष्प्रभाव, ऊंची लागत और नियामकीय मतभेदों ने इनके व्यापक उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेहत
हिंसा का शिकार : किशोरों में बढ़ रही सिगरेट और ई-सिगरेट की लत
एक नई शोध में सामने आया है कि बुलिंग, साइबर बुलिंग, यौन हिंसा और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं का सामना करने वाले किशोरों में सिगरेट और ई-सिगरेट के इस्तेमाल की संभावना अधिक होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक आघात से जूझ रहे बच्चे कई बार तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
सेहत
गर्मियों : बासी खाना बन सकता है बीमारी की वजह, जानिए कैसे रहें सुरक्षित
गर्मियों में बासी या सही तरीके से न रखा गया भोजन जल्दी खराब हो सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बचा हुआ खाना सही तापमान पर स्टोर करना और दोबारा अच्छी तरह गर्म करके खाना जरूरी है।
सेहत
वायु प्रदूषण : बना साइलेंट किलर, बच्चों के फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर
देश में बढ़ते वायु प्रदूषण और PM2.5 के ऊंचे स्तर के कारण अस्थमा (Asthma) और COPD जैसी फेफड़ों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अब सिर्फ धूम्रपान करने वाले ही नहीं, बल्कि बच्चे और नॉन-स्मोकर्स भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जहरीले प्रदूषण कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर रहे हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन सकता है।
सेहत
मोबाइल फोन : घंटों मोबाइल चला रहे बच्चे, मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ रहा बुरा असर
मोबाइल फोन का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर गंभीर असर डाल रहा है। WHO और कई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च के अनुसार जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों में बोलने में देरी, ध्यान की कमी, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत बच्चों को वास्तविक दुनिया से दूर कर रही है, जिससे उनका व्यवहार और आत्मविश्वास भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करने, आउटडोर गतिविधियों को बढ़ावा देने और घर में डिजिटल अनुशासन लागू करने की जरूरत है।